जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में जनपद में संचालित धान क्रय केंद्रों पर धान क्रय की स्थिति के संबंध में संबंधित अधिकारियों और मिल मालिकों के साथ बैठक हुई। इसमें पीसीएफ के धान खरीद केंद्रों पर खरीद शुरू न होने पर फटकार लगाई।
बैठक के दौरान डिप्टी आरएमओ विपुल सिन्हा ने बताया कि जनपद में कुल 50 धान क्रय केंद्र संचालित हैं। जिनके माध्यम से 189 किसानों से अब तक 8270 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। धान क्रय के मामले में जनपद का आजमगढ़ मंडल में प्रथम स्थान है। उन्होंने बताया कि किसान अपने नजदीकी धान क्रय केंद्र की जानकारी के लिए जनपद के पोर्टल mau.nic.in पर जाकर अपने सबसे नजदीकी धान क्रय केंद्र पर धान की बिक्री कर सकते हैं।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि अब तक 7280 किसानों ने पंजीकरण कराया है,जिसके सापेक्ष 3711 किसानों का सत्यापन कार्य पूर्ण हो चुका है।मिलो एवं पंजीकृत किसानों के सत्यापन की चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों को यथाशीघ्र समस्त पंजीकृत किसानों का सत्यापन कराने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलों में संचालित समस्त धान क्रय केंद्रों का भौतिक सत्यापन करते हुए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की स्थिति एवं केंद्र पर धान खरीद की स्थिति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान किसानों के भुगतान स्थिति की समीक्षा के दौरान छह किसानों का भुगतान खाता से आधार लिंक न होने के कारण भुगतान लंबित होने पर उन्होंने समस्त किसानों को धान विक्रय करने के पूर्व अपने बैंक खाता को आधार नंबर से लिंक कराने को कहा, जिससे तत्काल भुगतान संभव हो सके। बैठक के दौरान पीसीएफ द्वारा संचालित समस्त धान क्रय केंद्रों पर अब तक धान खरीद का काम शुरू न होने पर उन्होंने संबंधित अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे शीघ्र शुरू कराने का निर्देश दिया।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर समस्त धान क्रय केंद्रों का भौतिक सत्यापन करते हुए, जो भी कमियां हैं उन्हें दूर करने के निर्देश दिया। कुछ किसानों द्वारा जनसेवा केंद्रों पर पंजीकरण के लिए अधिक फीस लेने की बात सामने आने पर उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारियों को ऐसे जन सेवा केंद्र के संचालकों को चिंहित कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी अभय पांडेय, मंडी समिति के सचिव, पीसीएफ एवं एफसीआई के अधिकारी तथा समस्त मिल मालिक उपस्थित थे।