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मऊः मुख्तार अंसारी को उच्च श्रेणी बंदी की सुविधा दिए जाने के मामले में बांदा जेल से नहीं आई आख्या

Wed, 23 Jun 2021 05:22 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

 मुख्तार अंसारी के एक मामले की सुनवाई बुधवार को  मऊ गैंगेस्टर कोर्ट में हुई। इस दौरान बांदा जेल से आख्या नहीं आई थी। जिस पर विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट राम अवतार प्रसाद ने प्रार्थना पत्र के बावत जेल से आख्या तलब करने के लिए स्मरण पत्र जारी करने का आदेश दिया। 
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मुख्तार अंसारी - फोटो : PTI (File Photo)
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विस्तार
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गैंगस्टर एक्ट में बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह की ओर से गैंगेस्टर कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र पर  जेल मैनुअल के अनुसार जेल में उच्च श्रेणी की सुविधा दिए जाने के मामले मे बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान बांदा जेल से आख्या नहीं आई थी।

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जिस पर विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट राम अवतार प्रसाद ने प्रार्थना पत्र के बावत जेल से आख्या तलब करने के लिए स्मरण पत्र जारी करने का आदेश दिया। साथ ही सुनवाई  के लिए एक जुलाई की तिथि तय की। बता दें कि दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमे में आरोपी बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट  की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है।

प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि मुख्तार अंसारी न्यायिक अभिरक्षा में बांदा जेल में बंद है। जेल मैनुअल के अनुसार जेल में निरुद्ध बंदियों की श्रेणी का निर्धारण करते समय विचार किए जाने के लिए जिन आधारों को मानदंड बनाया जाता है। उसके अनुसार मुख्तार अंसारी पूर्ण रूप से उच्च श्रेणी के बंदी की सुविधा प्राप्त करने के हकदार हैं। क्योंकि मुख्तार अंसारी विचाराधीन बंदी हैं।
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सीनियर सिटीजन तथा ग्रेजुएट भी हैं। इसके अलावा वो आयकरदाता भी हैं । इसके साथ ही पिछले 25 वर्षों से उत्तर प्रदेश विधानसभा के निर्वाचित सदस्य की हैसियत से लाखों जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ऐसे में जेल मैनुअल के अनुसार मुख्तार अंसारी को उच्च श्रेणी का बंदी घोषित करते हुए जेल अधीक्षक बांदा को निर्देशित किया जाए कि मुख्तार अंसारी को उच्चतर श्रेणी की सुविधा प्रदान करे। इस मामले मे बांदा जेल से आख्या मांगी गई थी, लेकिन जेल से आख्या नहीं आई थी।

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