मऊ। प्रधानमंत्री की तरफ से 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज ऐलान के बाद केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा उद्योगों के लिए तमाम रियायतें देने से उद्यमियों में उत्साह का माहौल है। अधिकांश उद्यमियों ने केंद्र सरकार के घोषित राहत पैकेज को स्वागतयोग्य कदम बताया। लेकिन यूनिटों में कार्यरत कर्मचारियों को लाकडाउन के दौरान का वेतन ईएसआई के फंड से दिलाने पर जोर दिया। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से उद्योगों के लिए 20 लाख करोड़ का राहत पैकेज स्वागतयोग्य कदम है। लाकडाउन के चलते यूनिटें बंद चल रही है। ऐसे में कर्मचारियों के अप्रैल माह का वेतन देने के लिए बजट नहीं है। जबकि ईएसआई के फंड में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपया है। सरकार की तरफ से लाकडाउन के दौरान कर्मचारियों का 75 प्रतिशत ईएसआई द्वारा देने की व्यवस्था की जाए। लघु उद्योग भारती के पूर्व अध्यक्ष भरत थरड का कहना है कि सरकार की तरफ से राहत पैकेज की घोषणा से उद्योगों को रफ्तार मिलेगी। उद्यमी बालकृष्ण थरड का कहना है कि यूनिटों में कार्यरत कर्मचारियों के पीएफ सरकार द्वारा वहन करना सराहनीय पहल है। लघु उद्योग भारती के पूर्व कोषाध्यक्ष आजाद यादव कहते हैं कि एमएसएमई को तीन लाख करोड़ का लोन चार साल के लिए और 100 फीसदी गारंटी फ्री करने से उद्योगों को गति मिलेगी। इससे उद्यमियों में आशा जगी है।