घोसी। विधानसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवार प्रदेश के पूर्व वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने सर्वाधिक मतों से जीतने का रेकार्ड बनाया है। मुसलमान मतदाताओं ने सपा के पक्ष में काफी संख्या में मतदान किया। 2019 में हुए उपचुनाव के मुकाबले इस बार अधिक मत पाकर भी विजय राजभर पराजित हो गए। दारा सिंह चौहान को 1083 पोस्टल वोट मिले हैं जबकि विजय राजभर को 320 और बसपा प्रत्याशी चुन्नू को 295 डाकमत प्राप्त हुए हैं। बसपा प्रत्याशी वसीम इकबाल चुन्नू खान घोसी नगर में मुसलमान बहुल बूथों पर सपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान से कम मत पाये हैं। दारा सिंह चौहान अनुसूचित जाति के मतों में भी सफल हो गए हैं। भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर वर्ष 2019 के उपचुनाव से बहुत अधिक मत पाने के बाद भी पराजित हो गए। घोसी विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी पूर्वमंत्री दारा सिंह चौहान को एक लाख आठ हजार 430 मत मिले हैं जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी निवर्तमान विधायक भाजपा प्रत्याशी विजय राजभर को 86 हजार 214 मत प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार दारा चौहान 22216 मतों से विजयी हुए हैं। दारा की यह जीत घोसी विधानसभा में अब तक की सबसे बड़े अंतर से जीत रही। विधान सभा घोसी के लिए अब तक हुए चुनाव में किसी भी दल का को कोई प्रत्याशी एक लाख मत नहीं पा सका था।इसके पूर्व 2012 में पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के नाम 15 हजार 544 के अंतर से जीतने का रिकॉर्ड था।2022 के चुनाव में सपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान को परम्परागत मतों के साथ मुस्लिम समुदाय का जबरदस्त समर्थन मिला। वहीं बसपा प्रत्याशी वसीम इकबाल चुन्नू खान महज 54 हजार 248 मत ही पा सके। मुस्लिम होने के बाद भी इनको मुस्लिम समुदाय ने कम वोट किया। 2019 में हुए उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी अब्दुल कयूम को मिले 50775 मतों से चुन्नू मात्र तीन हजार से अधिक मत पा सके।घोसी नगर के बूथ संख्या144 से लेकर154 तक में चुन्नू के मोहल्ले के भी बूथ के साथ मुस्लिम बहुल करीमुद्दीनपुर, बड़ागांव के बूथों पर भी बसपा प्रत्याशी पीछे रहे। जबकि भाजपा प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक विजय राजभर 2019 के उपचुनाव में 68 हजार 371 मत पाकर विधायक बने थे, वहीं 2022 के चुनाव में 86 हजार 214 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। साल 2019 के मुकाबले अधिक मत पाकर भी विजय राजभर इस चुनाव में पराजित हो गए।