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Mau News: आरसीसी फोरलेन बनी लेकिन निकलने लगी सरिया

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मऊ। सात वर्ष बाद वाराणसी से गोरखपुर जाने के लिए फोरलेन से दोहरीघाट के सरयू नदी पर पुल को छोड़कर लगभग सभी कार्य पूरे हो चुके हैं लेकिन जनपद में अनेक स्थानों पर मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने से मार्ग पर कहीं गड्ढ़ा बन गया है ताे कहीं आरसीसी निर्माण में लगी सरिया ही बाहर आ गई है। आश्चर्य यह है कि एनएचएआई की ओर से कहीं पर कोई संकेतक नहीं लगाया गया है।
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निर्माण के बाद से अभी तक जनपद के सभी ओवरब्रिज का दोबारा मरम्मत की जा चुकी है। फोरलेन की गुणवत्ता खराब होने पर कई बार शिकायत के बाद एनएचएआई का दावा है कि फोरलेन के जर्जर स्थानों की मरम्मत के लिए पिछले एक वर्ष से लगातार स्टेपलिंग और ग्राउटिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन अब तो फोरलेन का आरसीसी के निर्माण में लगी सरिया भी उभरने लगी है। वहीं, कुछ जगहाें पर गड्ढे बन गए हैं।
काशी काे गोररखपुर से जोड़ने के लिए राजमार्ग 24 के अतिरिक्त सुगम आवागमन के लिए वर्ष 2015-16 में इस 200 किलोमीटर लंबे फोरलेन का कार्य शुरू किया गया। लंबे प्रोजेक्ट काे निर्माण इकाई की ओर से कई छोटे ठेकेदारों को दे दिया गया। निर्माण इकाई की ओर से मार्ग पर आवागमन चालू होने के बाद से लगातार मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, लेकिन एक कार्य को पूरा करने के बाद दूसरे जगह पर घटिया निर्माण की परत उजागर हो रही है।
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सीमेंट और कंक्रीट से निर्मित यह फोरलेन अभी भी जिस उदेश्य से बनाया गया है, उसे सही मायने में पूरा नहीं कर पाया है। कोपागंज के कांछीकला के पास फोरलेन पर आरसीसी पूरी तरह टूट गई है। आलम यह है कि आरसीसी में लगी सरिया तक बाहर आ चुकी है। आस-पास कई बड़े गढ्डे भी हो चुके हैं। विभागीय सूत्रों का दावा है कि स्टेपलिंग व ग्राउटिंग कार्य में अनेक मैटिरियल के साथ केमिकल की भी आवश्यकता होती है। उसकी उपलब्धता नहीं होने से कार्य बाधित है। पिछले कई माह से स्टेपलिंग व ग्राउटिंग कार्य करने वाली कंपनी का भुगतान नहीं होने से कार्य करने वाली कंपनी ने कार्य बंद कर दिया है।

अधिकतर एप्रोच मार्ग भी अधूरे
मऊ। वाराणसी से गोरखपुर तक जाने वाले फोरलेन को जनपद के सभी प्रमुख बाजार को बाईपास कर ही बनाया गया। इसकी जद में करीब सौ से अधिक गांव आए हैं। अभी तक निर्माण इकाई की ओर से एक भी गांव का एप्रोच मार्ग नहीं बनवाया गया है। ग्रामीणों की ओर से स्वयं या ग्राम पंचायत की मदद से निर्मित कच्चा मार्ग से होकर ही फोरलेन तक जा रहे हैं।

स्लीप रोड भी पड़े हैं जर्जर
मऊ। जनपद के प्रमुख बाजारों को जोड़ने के लिए स्लिप रोड का भी निर्माण कराया गया है। यह भी खस्ताहाल हो गया है। मुख्यालय से आजमगढ़ जाने वाले रेलमार्ग को यह फोरलेन अछार के पास ओवरब्रिज के रूप में क्रास करता है। वहीं, मतलुपुर के पास भी आजमगढ़ और मुहम्मदाबाद गोहना से भी लोग यही से आकर फोरलेन का सहारा लेते हैं।


ओवरब्रिज पर दोबारा किया गया कार्य

मऊ। फोरलेन पर अछार के पास ओवरब्रिज, पनियरा, कोपागंज, सहरोज, घोसी के पास ओवरब्रिज पर लंबी दरारे उभरने एक जगह सड़क धंसने के निर्माण इकाई द्वारा कही तोड़कर बनाया गया तो कुछ जगहों पर पीचिंग कार्य कर छोड़ दिया गया है।

बढ़ुआ गोदाम से लेकर गोंठा तक हो चुके हैं हादसे
मऊ। वाराणसी से गोरखपुर जाने वाले फोरलेन पर मार्ग को सही करने के लिए रूट डायवर्ट कर दिया जाता है, इससे कई स्थानों पर हादसे हो चुके है। बढ़ुआ गोदाम के पास तो रोडवेज और ट्रैक्टर की भिंडत में ट्रैक्टर चालक सहित कुल 22 लोग घायल हो गए थे। अछार गांव के पास ट्रेलर और ट्रैक्टर की भिड़ंत के बाद अभी तक सड़क किनारे अभी तक ट्रेलर पड़ा हुआ है। काछीकला के पास कार और बाइक की भिडंत में दो बाइक सवार बुरी तरह जख्मी हो गए थे। बीते शुक्रवार को गाेंठा के पास एप्रोच मार्ग पर बाइक सवार युवक और युवती घायल हो गए थे।

फोरलेन के साथ सर्विस लेन और स्लीप रोड को सही कराने के लिए संबंधित को आदेशित कर दिया गया है। काम चल रहा है, उसे जल्द पूरा करा लिया जाएगा। - भावेश अग्रवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
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