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दशरथ मरण पर भावविभोर दर्शकों की नम हो गई आंखें

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ोहरीघाट में रामलीला का मंचन करते कलाकार। - फोटो : MAU
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दोहरीघाट। रामलीला समिति, व्यापार मंडल की तरफ से कस्बे में चल रही रामलीला में राम वनवास, पुत्र वियोग में राजा दशरथ के प्राण त्यागने की लीलाओं का मंचन किया गया। दशरथ मरण का मंचन देख दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कैकेयी ने राम को वनवास भेजा और राम अयोध्या छोड़कर राम लक्ष्मण के साथ वन की ओर चल दिए। सीताजी और मंत्री सहित दोनों भाई श्रृंगवेरपुर जा पहुंचे। वहां गंगाजी को देखकर श्री रामजी रथ से उतर पड़े और दंडवत किया। निषादराज ने चरणरज ली। मंत्री सुमंत अयोध्या लौटकर आ गए। राम को वापस न लाने का मलाल उनको रहा। जब अवध नरेश को यह ज्ञात हुआ कि राम, लखन और सीता वापस नहीं आए हैं तो उन्होंने राम नाम पुकारते हुए प्राण त्याग दिए। मंचन के भावुक दृश्य को देखकर भावविभोर दर्शकों की आंखें भी नम हो गई। इस अवसर पर मंचासीन रामलीला समिति के अध्यक्ष विनोद वर्मा व्यवस्थापक/मंत्री गुलाब चन्द गुप्त मुख्य अतिथी बडोदरा बैंक यु पी के प्रबन्धक अनील गौड अध्यक्षता व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय जायसवाल स्वागताध्यक्ष गोरख साहु एवं साथ मे समिती के सदस्य शिवम सेठ विकाश मध्येशिया सागर साहु विपीन कुमार विजय मध्येशिया उज्जवल संदीप मुकेश मनीष अश्वनी कुमार राहुल जायसवाल आदि लोग मौजुद रहे।
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