मौलाना अब्दुल्ला इस्लाही।रमजान माह पर विचार की खबर में फोटो
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घोसी। रमजान का महीना खुद को गुनाहों से बचाने ओर अल्लाह के करीब आने का जरिया है। इसलिए हर बुरी बातों से बचते हुए अच्छाईयों को अपनी जिंदगी में शामिल करने की जरूरत है। यह बातें नगर के मदापुर सम्सपुर निवासी मौलाना अब्दुल्लाह इस्लाही ने बताईं। मौलाना ने कहा कि रोजा सिर्फ भूखे एवं प्यासे रहने का नाम नहीं है बल्कि अपने अंदर शामिल बुराइयों को बाहर कर अच्छाइयों को लेने का है। इस पाक माह में अपने को हर बुराइयों से बचाएं, किसी को गाली न दे और न ही परेशान करें। गरीबों, असहायों एवं पड़ोसियों की मदद करें। ऐसे में हर बुराइयों से बचने का नाम ही रोजा है। मौलाना ने लोगों से अपील की कि वह इस पवित्र रमजान के महीने में अधिक से अधिक गरीबों की मदद करें और खुद को अल्लाह के लिए समर्पित करें। अधिक से अधिक इबादत करने के साथ ही लोगों की खिदमत करें जिससे जिंदगी बेहतर हो सके।