भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन जिले भर में बुधवार तथा बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। पर्व के मद्देनजर राखियों और मिठाइयों की दुकानें जगह-जगह सजी हैं। जिले के प्रमुख बाजारों में मंगलवार को देर शाम तक लोग राखी सहित विभिन्न सामानों की खरीदारी करती नजर आए।
इस बार रक्षा बंधन के त्योहार पर भद्रा का साया है। 30 अगस्त को पूर्वाह्न दस बजकर 13 मिनट पर पूर्णिमा शुरू होते ही भद्रा शुरू हो जाएगी, जो रात्रि आठ बजकर 58 मिनट तक रहेगी। ऐसे में त्योहार मनाना शुभ नहीं होगा। रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त की रात्रि आठ बजकर 59 मिनट से 31 अगस्त को सुबह 7.45 बजे तक मनाया जा सकता है।
इस संबंध में मुहम्मदाबाद गोहना कस्बा निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित वीरेंद्र शुक्ल का कहना है कि 30 अगस्त को सुबह दस बजकर 13 मिनट पर पूर्णिमा तिथि का प्रवेश होगा और 31 अगस्त को सुबह सात बजकर 45 मिनट तक पूर्णिमा रहेगी। शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार उस दिन मनाया जाता है, जिस दिन पूर्णिमा दोपहर में होती है।
दोपहर में पूर्णिमा का संयोग 30 अगस्त को बन रहा है, लेकिन 30 अगस्त को दस बजकर 13 मिनट पर पूर्णिमा शुरू होते ही भद्रा का प्रवेश हो जाएगा और रात्रि में आठ बजकर 58 मिनट तक भद्रा का प्रवेश रहेगा। यह भद्रा मृत्युलोक में कुंभ राशि पर है। शास्त्रों के अनुसार भद्रा में रक्षाबंधन का त्योहार कष्टकारी होता है। इस दिन बहन व्रत कर भाई का तिलक करती है। इस लिए 30 अगस्त को रात्रि आठ बजकर 59 मिनट से 31 अगस्त को सुबह सात बजकर 35 मिनट तक रक्षा बंधन का त्योहार मनाना शुभ रहेगा।
बहनों ने रक्षाबंधन पर पहनने के लिए नए कपड़ों की खरीदारी की। महिलाओं ने अपने हाथों पर मेंहदी भी सजाई। राखी की खरीदारी करने आई ज्ञांती देवी, अनुराधा सिंह का कहना था कि उन्हें रक्षाबंधन पर्व का काफी इंतजार रहता है। क्योंकि वे अपने भाई की कलाई पर राखी बांधतीं हैं। अली बिल्डिंग में राखी सहित अन्य सामानों की खरीदारी करने आई शकुंतला पांडेय, राधिका सिंह का कहना था कि उन्हें रक्षाबंधन पर्व का काफी इंतजार रहता है। यह भाई-बहन के स्नेह का पर्व है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाजार हुआ गुलजार
राखी का त्योहार प्रति वर्ष सावन माह की पूर्णिमा तिथि में मनाया जाता है जो इस वर्ष 30, 31 अगस्त को पड़ रहा है। नगर के सहादतपुरा, मुुंशीपुरा, चौक, मिर्जाहादीपुरा, हट्ठीमदारी सहित मुहम्मदाबादगोहना, मधुबन, घोसी, दोहरीघाट, चिरैयाकोट सहित विभिन्न बाजारों में रंग बिरंगी राखियों की दुकानें सजने लगी हैं। सभी प्रमुख बाजारों में भीड़ बढ़ गई है। राखियों के साथ साथ लोग कपड़ो की भी खूब खरीदारी कर रहे हैं।
बहनें भाइयों के लिए अलग अलग डिजाइनों वाली राखियां खरीद रही हैं। बाजार में 10 रुपये से 250 रुपये तक की राखियां बिक रही हैं। स्टेन राखी, मेटल की राखी, रोली-अक्षरा राखी, श्री राखी, लूंबा राखी, पैयर राखी की डिमांड अधिक है। वहीं छोटे बच्चों को फोम से बनी कार्टून वाली राखियां खूब पसंद आ रही हैं।
लूंबा राखी बहने और ननद-भाभी एक दूसरे को बांधती हैं। वहीं पेयर राखी जो जोड़े में मिलती है बहन, भाई और भाभी को बांधती हैं। लकड़ी से बनी राखियां 20 से 250 रुपया तक बिक रही है। रुद्राक्ष तथा चंदन से बनी राखी खूब बिक रही थी। स्पाइडर मैन, लाहट से जलने वाली राखियां की मांग रही। बच्चों के लिए कार्टून वाली, वेटटेन आदि की खूब मांग रही। इस संबंध में दुकानदार अमन बर्नवाल, शुभम शर्मा, संजय कुमार, शिवम बर्नवाल का कहना था कि आनलाइन खरीदारी से कारोबार पर असर पड़ रहा है। अपेक्षाकृत बिकी नहीं हो पा रही है।
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ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची से लोग नहीं पहुंच सके घर
रक्षाबंधन पर्व विभिन्न महानगरों से आने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची होने से सैकड़ों लोगों की अपने परिजनों के साथ रक्षाबंधन मनाने की आस अधूरी रह जाएगी। इस वजह से बाहर रहने वाले लोग खासे निराश हैं। महानगरों से आने वाली ट्रेनों में मारामारी की स्थिति है।
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों के भारी संख्या में लोग मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, कानपुर, चेन्नई सहित विभिन्न महानगरों में नौकरी, व्यवसाय आदि करते हैं। काफी संख्या में लोग घर आकर त्योहार मनाते हैं। मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद, कानपुर, लखनऊ से आने वाली काशी एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस, लोगमान्य तिलक, सुपरफास्ट, साबरमती एक्सप्रेस सहित विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों में आरक्षण की सीटे पांच सितंबर तक लंबी प्रतीक्षा सूची है। सहादतपुरा निवासी रेखा शर्मा, सीता देवी, सुनीता सिंह का कहना था कि ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची रहने के चलते निराशा हुई है। स्पीड पोस्ट से राखी भेजना पड़ा है।
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महिलाओं के लिए 31 की रात 12 बजे तक रोडवेज में रहेगी यात्रा नि:शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। रक्षाबंधन पर बहनों की सुविधा के लिए योगी सरकार की तरफ 29 अगस्त की रात 12 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक रोडवेज बस में यात्रा नि:शुल्क कर दी गई है।
मऊ तथा दोहरीघाट डिपो में 84 बसों का संचालन होता है। मऊ डिपो के बेड़े में 49 बसे हैं। जिसमें आठ अनुबंधित और 41 बसे निगम की हैं। हालांकि घोसी उपचुनाव को लेकर मऊ डिपो की 15 बसों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसी बहन को आधा घंटा से अधिक रोडवेज परिसर में रुकने नहीं दिया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर निर्धारित होगा कि किस रूट पर कितनी बसें भेजनी हैं।