मधुबन। तहसील स्थित सैय्यद मीरा शाह बाबा की दरगाह पर मंगलवार की शाम सालाना उर्स का आयोजन हुआ। धूमधाम से जुलूस निकालकर मजार पर चादर चढ़ाई गई। उर्स की शुरुआत सुबह कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुई। देर शाम असर की नमाज के बाद नातिया कलाम और कव्वाली के साथ चादर का जुलूस निकला। इसमें बड़ी संख्या में दोनों समुदाय के लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। मगरिब की नमाज के ठीक पहले मीरा शाह बाबा की मजार पर चादरपोशी की रस्म अदा की गयी। चादरपोशी के बाद सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर बाबा की चौखट पर शीश झुकाकर सुख समृद्धि और मुल्क में अमन शांति कायम रखने एंव लोगों के बीच एकता बनाए रखने की दुआ मांगी। रात में नातिया कौव्वाली का दौर चला। जिसमें रमजान अली और गुलाम हुसैन उर्फ़ बेचू के बीच शानदार मुकाबला देखने को मिला। दोनों कौव्वालों ने बेहतरीन प्रस्तुति कर देर रात तक लोगों को बांधे रखा। कौव्वाली का समापन देर रात एक बजे हुआ। मजार स्थल पर बड़ी संख्या में दुकानें सजी रहीं। जहां महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। उर्स में आए छोटे बच्चों ने विभिन्न प्रकार के झूलों का भरपूर आनंद उठाया। इस अवसर पर सज्जादानशीन सैयद कमाल अहमद, मजार कमेटी के अध्यक्ष सैयद सबी अहमद, मोहसिन आलम, लक्ष्मण वर्मा, सन्नू आज़मी, नूर आलम खान, अमित वर्मा, पूर्णवासी मद्धेशिया, मौलाना महबूब आलम, साहिल हयात, नीबू लाल विश्वकर्मा, आशुतोष सिंह बिट्टू आदि शामिल हुए।