मुहम्मदबाद गोहना। तहसील के ग्रामीण रूटों पर परिवहन निगम रोडवेज बसें नहीं चला रहा है। जिससे तहसील मुख्यालय से जिला मुख्यालय तक जाने वाले ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। उधर, इसका फायदा उठाकर निजी बस संचालक और ऑटो वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। घोसी, चिरैयाकोट आदि क्षेत्र के दर्जनों गांवों से रोजाना सैकड़ों लोगों का विभिन्न कामों से से जिला मुख्यालय आना जाना लगा रहता है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर रोडवेज बसों का संचालन न होना उन्हें खल रहा है। रूट पर रोडवेज बस के संचालन न होने के कारण लोगों को ऑटो, जीप तथा निजी बसों का सहारा लेना होता है। सबसे ज्यादा दिक्कत छात्राओं व महिलाओं को होती है। ऐसे में निजी बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल करने के साथ ही वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठा रहे हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अंजनी गुप्ता ने बताया कि रोडवेज बस के संचालन न होने के कारण आवागमन में दिक्कत हो रही है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष जगदीश गुप्त ने बताया कि क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बस का संचालन नहीं होने के कारण मजबूरन निजी वाहनों में सवारी करना पड़ता है। यथाशीघ्र इस रूट पर बस का संचालन किया जाना चाहिए। सपा नेता प्रेमचंद यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में कम से कम दिन में तीन चार बसों का संचालन तो होना ही चाहिए। कांग्रेस नेता वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि परिवहन निगम को बसों की संख्या बढ़ाना चाहिए जिससे निगम के आय में भी इजाफा हो और लोगों को साधन मिले। एसडीएम क्षिप्रा पाल ने बताया कि ग्रामीण रूट पर रोडवेज बस चलाए जाने के मामले में व्यापार मंडल से शिकायत मिलती है तो संबंधित अधिकारी को पत्र भेजकर मामले का समाधान कराया जाएगा।