मऊ नगर के बाल निकेतन स्थित ओवरब्रिज के निर्माण के लिए शासन से मंजूरी मिलने के बावजूद तकनीकी पेंच खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। दो लेन की बजाय फोरलेन का ओवरब्रिज बनाए जाने का निर्णय लेने के बाद उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम एवं रेलवे के बीच उसकी आकृति को लेकर एक तकनीकी पेच फंसता नजर आ रहा है। एक छोटे अंडरपास की जरूरत और रेलवे के भविष्य की योजनाएं जीरो-बी ओवरब्रिज की अंतिम जीएडी यानि जनरल अरेंजमेंट ड्राईंग में पुन: परिवर्तन का संकेत करने लगी है। मऊ जंक्शन से इंदारा के बीच दोहरीकरण का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है। ट्रेनों का ट्रैफिक बढ़ने के बाद बाल निकेतन रेलवे क्रासिग पर जो फाटक दर्जनों बार बंद होता है। इस मार्ग पर आवागमन बिल्कुल ठहर सा जाएगा।