आजमगढ़। मुबारकपुर नगरपालिका परिषद में कर्मचारियों के ईपीएम की कटौती कर उसे जमा न करने वाली फर्म की अब जांच होगी। अमर उजाला ने 11 फरवरी के अंक में ‘ 294 कर्मियों को न ईपीएफ-ईएसआईसी के 44 लाख दिए न नगरपालिका के 45 लाख’ शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया। इस खबर को नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने संज्ञान में लिया है। उनके निजी सचिव गेंदा सिंह ने पत्र जारी कर प्रमुख सचिव नगर विकास को इस प्रकरण की जांच करने का निर्देश दिया है।बताते चलें कि पांच नवंबर 2024 को नपा मुबारकपुर में आउटसोर्स से सफाईकर्मी, वाहन चालक, पंप ऑपरेटर, लाइन मैन, सहायक लाइन मैन, कार्यालय सहायक, चौकीदार और कंप्यूटर ऑपरेटर के 294 पदों पर तैनाती के लिए टेंडर निकाला गया। इसका टेंडर खोला गया और कांटीनेंटल सिक्योरिटी सर्विसेज उधापुर, जनपद देवरिया को पांच मार्च 2025 से चार मार्च 2026 तक टेंडर दे दिया गया। फर्म ने तबसे लेकर आज तक तैनात कर्मियों के मानदेय से ईपीएफ और ईएसआईसी की 12 प्रतिशत कटौती की। इसके साथ ही नगरपालिका ने भी अपने हिस्से का अब तक लगभग 45 लाख रुपये का भुगतान फर्म को किया। लेकिन, फर्म ने उक्त कटौती की गई धनराशि को कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआईसी में जमा नहीं किया । इस तरह 45 लाख रुपये का गबन किया। अक्तूबर 2025 में मुबारकपुर निवासी आमिर फहीम ने इसकी शिकायत आईजीआरएस पोर्टल और डीएम से कर दी। इस शिकायत पर जांच शुरू हो गई। अभी तक यह जांच पूरी नहीं हो सकी है।