जिले के विभिन्न ब्लाॅक क्षेत्रों में स्थापित कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को भाषा गणित में दक्ष बनाने के लिए जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन नहीं हो पा रहा है। इस मामले में परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।जिले में रतनपुरा, कोपागंज, घोसी, मुहम्मदाबादगोहना, रानीपुर विकास खंड क्षेत्र में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को हिंदी, अंग्रेजी, गणित में दक्ष बनाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। विद्यालयों की मानीटरिंग करने की जिम्मेदारी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मंडल तथा डायट प्राचार्य को की दी गई है।
परियोजना कार्यालय स्तर से कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रतिदिन हिंदी, अंग्रेजी के एक-एक शब्द को कंठस्थ कराने तथा गणितीय सूत्र का अभ्यास कराने लिए वार्डेन के वाट्स एप पर भेजा जा रहा है। लेकिन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी अंकित नहीं किया जा रहा है औ न ही बालिकाओं को हिंदी, अंग्रेजी के एक-एक शब्द को कंठस्थ कराया जा रहा है। न ही गणित सूत्र का अभ्यास कराया जा रहा है। परियोजना निदेशक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रतिदिन शब्दों को कंठस्थ कराने तथा गणित के सूत्रों का अभ्यास कराए जाने का दिशा निर्देश जारी किया है।
इस बाबत जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अनिल चौरसिया का कहना था कि कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रतिदिन हिंदी, अंग्रेजी के एक-एक शब्द को कंठस्थ कराया जा रहा है। गणितीय सूत्र का अभ्यास कराया जा रहा है।