दोहरीघाट ब्लॉक के परसरा बुजुर्ग गांव में बारिश के कारण बर्बाद हुई आलू की खेती।संवाद
कुसुम्हा। गत दिनों चार दिनों तक लगातार बारिश से क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में आलू की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों की लागत ही डूब गई है। लोगों ने फसल क्षति का आकलन कराकर मुआवजा देने की मांग की है। क्षेत्र के फरसरा बुजुर्ग, फरसरा खुर्द, गोंठा, ठाकुरगांव, धनौली रामपुर, बुढावर सहित विभिन्न गांवों मेें आलू की खेती की जाती है। आलू अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में बोआई कर दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बेचकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। लेकिन इस वर्ष चक्रवाती तूफान से आलू के बीज सड़ गए। लागत डूबने से किसान परेशान हैं। इस संबंध में क्षेत्र के किसान कमलेश राय, दीपू, पूरन राय, बैजनाथ का कहना है कि कोल्डस्टोरेज में रखा आलू निकालकर और काफी लागत लगाकर आलू की बुआई की गई थी, लेकिन बरसात होने से सब नष्ट हो गया। कर्ज लेकर फसल लगाया था। अब समझ में नहीं आ रहा है। जिला प्रशासन की तरफ से फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।