मऊ। बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण के लिए रेलवे और शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है। लेकिन अब इसकी जगह अंडर ब्रिज की मांग को लेकर गंगा तमसा सेवा समिति के छोटेलाल गांधी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर 25 फरवरी को सुनवाई होनी है। याचिका में कहा गया है कि आरओबी से काफी क्षति होगी। क्रासिंग के पास ओवर ब्रिज निर्माण के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर आगे की प्रकिया शुरु हुई लगभग दो सालों की कवायद के बाद रेलवे और प्रदेश की सरकार ने ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। इस बीच छोटलाल गांधी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करके इस कार्य में अड़ंगा लगा दिया। समाजसेवी देवप्रकाश राय कहते हैं कि कई दशकों की लंबित मांग को लेकर उच्च न्यायालय मैं याचिका दाखिल की गई थी। उच्च न्यायालय के निर्देश पर यहां बाल निकेतन क्रासिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति मिली है। लेकिन अब जनहित के इस अत्यंत महत्वपूर्ण मामले में अड़ंगेबाजी की जा रही है। जबकि छोटेलाल गांधी का कहना है कि यहां पर ओवरब्रिज निर्माण से काफी क्षति होने की संभावना है। यहां पर अंडर ब्रिज निर्माण कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है।