मऊ। लॉक डाउन में अधिकांश लोगों ने तो घरों में पड़ी शादी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। लेकिन फिर भी कई ऐसे लोग है जो तय तिथि पर शादी कार्यक्रम की रस्म पूरी करना चाहते है। ऐसे लोगों को विवाह से पूर्व जिला प्रशासन के यहां आवेदन कर इजाजत लेनी होगी। इस दौरान प्रशासन की शर्ते पूरी करनी होंगी। इसके लिए निगरानी टीम गठित की जाएगी। जो कार्यक्रम पर नजर रखेगी। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में यह जानकारी प्रेसवार्ता के दौरान दी। जिलाधिकारी ने बताया कि शादी ब्याह के लिए दिए जाने वाली अनुमति में बीस से अधिक लोगों के शामिल न होने का शर्त है। बोले शादी बंद कमरे में नहीं बल्कि खुुले में आयोजित की जाएगी। साथ ही अनुमति पत्र के साथ दिए जाने वाले नियमों का सभी को पालन करना होगा। इसके लिए निगरानी टीम गठित की जाएगी। यह व्यवस्था जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीणांचल तक लागू की गई है। बोले शहर में सभासदों के नेतृत्व में तथा देहातों में प्रधान के नेतृत्व में यह टीम काम करेंगी। बारात जाने से पूर्व कलेक्ट्रेट में आवेदन कर परमीशन लेना होगा। बोले बाहर से आने वालों की तरह जिले में फंसे गैर प्रांत के लोग परमीशन लेकर अपने घर जा सकते हैं। इसके लिए कलेक्ट्रेट में बने कंट्रोलरुम में संपर्क कर अपना पंजीकरण कराए। इसके लिए यात्रियों को मेडिकल सर्टिफिकेट भी देना होगा। ताकि यह पता चले कि यात्रा करने वाला संक्रमित नहीं है। डीएम ने स्पष्ट किया कि कोविड प्रभावित व्यक्ति ठीक होने के बाद भी यात्रा नहीं कर सकता।