मऊ। मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। दिसंबर में बार-बार तापमान कभी घटता रहा तो कभी बढ़ता रहा। इससे लोगों की सेहत पर प्रभाव पड़ रहा है। यही वजह है कि अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कम नहीं हो रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 25 तो न्यूनतम 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम के बदलाव लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। हल्की सी लापरवाही भारी पड़ रही है। पिछले तीन-चार दिनों में मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ी है। जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एपी गुप्ता का कहना है कि बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। ऐसे मरीजों को तत्काल इलाज कराने के साथ खास सतर्कता बरतनी चाहिए। मौसम में बदलाव का असर इंसान ही नहीं, फसलों पर भी पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी के प्रभारी अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं और सब्जियों की फसलों का उत्पादन तापक्रम पर निर्भर है। जब फसल की तेजी से ग्रोथ होती है, उस समय गेहूं और सब्जियों के लिए दिन का तापक्रम 20 और रात का 10 से 15 डिग्री सेंटीग्रेड उपयुक्त माना जाता है। आजकल धूप में काफी तीव्रता है। इसके कारण दिन का तापक्रम पिछले सप्ताह के आधार पर लगभग पांच से सात डिग्री सेंटीग्रेड अधिक हो गया है, जबकि रात का तापक्रम काफी कम है। इससे फसलों की ग्रोथ के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ता है।