मऊ। जिले मेें 37 हजार वृद्धावस्था और विधवा महिलाओं की पेंशन रुक सकती है। कारण, आधार का सत्यापन नहीं होना बताया जा रहा है। अब तक महज 60 प्रतिशत लाभार्थियों को ही इसका लाभ मिल सका है। हालांकि सत्यापन कार्य जारी है लेकिन अपेक्षाकृत सत्यापन में बाधा आ रही है। ऐसे में जब तक इन लाभार्थियों का सत्यापन नहीं होगा जब तक उनके खाते में पेंशन की राशि विभाग द्वारा नहीं भेजी जाएगी। आधार कार्ड सत्यापन न होने से बीते जनवरी माह से लाभार्थियों के खाते में पेंशन की राशि नहीं भेजी जा रही थी। उधरन सत्यापन के बाद विभाग ने पहले चरण में 20 हजार लाभार्थियों के खाते में राशि भेजी है। वहीं 37 हजार से अधिक लाभार्थियों को अभी ओर पेंशन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। जिले में 87 हजार 209 लाभार्थी हैं। अब शासन ने सभी लाभार्थियों का आधार कार्ड से सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। बीते 15 अगस्त तक विभाग को इन सभी लाभार्थियों का सत्यापन कार्य पूरा करना था। लेकिन 15 अगस्त तक विभाग ने 49 हजार 416 लाभार्थियों का सत्यापन कर उनका आधार सत्यापन कराया है। उधर अब भी 36 हजार 793 लाभार्थी आधार सत्यापन नहीं करा रहे हैं। बताते चले कि आधार सत्यापन न होने के चलते जनवरी 2022 से सभी लाभार्थियों की पेंशन रूकी हुई थी। इससे पेंशनधारकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बार-बार अपील करने के बाद पेंशन धारक अपने आधार का सत्यापन नहीं करा रहे हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुज कुमार ने बताया कि कवायद कर 56 फीसदी से ज्यादा लाभार्थियों का आधार सत्यापन कराया है, अब भी 30 हजार से ज्यादा बचे हैं। सत्यापन न होने से पेंशन रुक सकती है।