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मरीज तो पहुंचे पर कक्षों में नहीं मिले डॉक्टर

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जिला अस्पताल की ओपीडी में बंद पड़ा फीजिशियन चिकित्सक का कक्ष,परेशान मरीज।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। जिला अस्पताल में इन दिनों चिकित्सीय व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। मौसम में बदलाव के चलते अन्य दिनों के तुलना में सोमवार को दोगुने मरीज अस्पताल पहुंचे थे लेकिन कक्ष में डॉक्टर नहीं मिले। अधिकांश मरीज निजी अस्पताल उपचार कराने चले गए जबकि कई व्यवस्थाओं को कोसते हुए घरों को लौटे। यह व्यवस्था अमर उजाला की टीम ने लाइव कवरेज के दौरान देखा। टीम ओपीडी समय के दो घंटे बाद यानी सुबह दस बजे जिला अस्पताल पहुंची। आपोडी में आम दिनों के तुलना में दोगुने मरीज दिखे। जहां पर्चा बनवाने के लिए लोग उमड़े थे तो वहीं कई मरीज पर्चा जमा कर ओपीडी में डॉक्टर के कमरों के बाहर उनका इंतजार कर रहे थे। इस दौरान चर्मरोग, दंतरोग, जनरल फिजीशियन, बालरोग विशेषज्ञ के साथ कक्ष नंबर 27 पर ताला लटका हुआ था। केवल सर्जन डॉ. बीबी सिंह, ईएनटी विशेषज्ञ, एक फिजीशियन अपने चेंबर में मरीजों को देख रहे थे। मौसम में आए बदलाव के चलते दाद, खुजली तथा दूसरे चर्म रोग का उपचार कराने पहुंचे मरीजों को यहां डाक्टर नहीं मिले। कुछ देर इंतजार करने के बाद कुछ तो निजी अस्पताल चले गए तो कुछ घरों को लौटे। जिला अस्पताल में छह डाक्टरों का तबादला हो गया है। सभी रिलीव भी हो चुके हैं। इनके बदले अभी केवल एक डाक्टर ही मिला है। ऐसे में पहले से 29 पदों के मुकाबले 16 डाक्टरों वाले जिला अस्पताल में छह डाक्टरों के चले जाने से चिकित्सीय व्यवस्था चरमरा गई है। स्थिति और भी बदतर हो रही है जब इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर न होने पर इन्हीं डाक्टरों में से तीन डाक्टरों को आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ईएमओ की ड्यूटी भी करनी पड़ रही है।
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