मऊ। पंचायत चुनाव बीतने के बाद अब लोग दुश्मनी साधने में लगे हैं। गांवों में तकरार बढ़ गई है। एक एक मतदाता का हिसाब लिया जाने लगा है। यह पता लगाया जा रहा है कि किसने वोट नहीं दिया। वहीं हारने वाला यह देख रहा है कि आखिर कहां पर समीकरण बिगड़ा जिससे हार का सामना करना पड़ रहा। मतदान का परिणाम आने के बाद गांवों में यह दुश्मनी साधने के लिए लोग जुट गए है। जीत हार में इस बात को सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा, कि साथ रहते हुए किसने किस तरह से विश्वासघात किया। गांव गांव में यह देखने को मिल रहा है। मधुबन थाना क्षेत्र में हुई मौत इस बात का प्रमाण भी है। हालांकि पंचायत चुनाव के साथ मतगणना बीते एक सप्ताह का समय होने जा रहा है। लेकिन प्रत्याशी और समर्थक इन बिंदुओं पर समीक्षा कर रहें है। रतनपुरा ब्लाक के गाढा गांव निवासी और बुजुर्ग राम स्नेही का कहना है, कि पहले चुनाव होते थे, लेकिन मतगणना और जीत हार के बाद सभी आपस में गले मिलकर एक दूसरे को बधाई देते थे । इसके साथ ही कदम से कदम मिलाकर गांव की तरक्की के लिए जुझते थे। इस दौरान यह देखा जाता था कि गांव का कैसेविकास होगा। पहले मतगणना के बाद सारा गिला शिकवा समाप्त हो जाता था, लगता ही नहीं था कि गांव में कोई चुनाव भी हुआ है, लेकिन आज की परिस्थितियां बिल्कुल विपरीत हो चुकी है। परिणामों की घोषणा के बाद कटुता एवं वैमनस्यता बढ़ जा रही। किसने वोट दिया, किसने नहीं दिया, क्यों नहीं दिया, किसने उपहार लेकर भी मत नहीं दिया, किसने साथ रह कर भी विश्वासघात किया । वोट न देने वालों को सबक सिखाने की बातें हो रही हैं । हारे हुए प्रत्याशी जिन्हें अपनी जीत का पूरा विश्वास था, लेकिन मतगणना में पासा पलट गया वो काफी विचलित दिखाई दे रहे हैं ।