मऊ। जिले के विभिन्न ब्लाकों के कई परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की संख्या ज्यादा है। विभाग की तरफ से ब्लाकवार सूची तैयार कर एनआईसी पर अपलोड कर दी गई है। इस सूची के अनुसार 145 विद्यालयों में 252 शिक्षकों को सरप्लस तथा 1122 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सभी विद्यालयों के रिक्त तथा सरप्लस शिक्षकों की सूची बीआरसी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। इसके साथ ही सरप्लस शिक्षकों का समायोजन होगा। इसके लिए शिक्षकों से विकल्प मांगा जाएगा। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। प्राथमिक में एक लाख छह हजार बच्चे तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों मेें 33 हजार बच्चों का नामांकन किया गया है। आरटीई के तहत प्राथमिक में 30 बच्चों पर एक शिक्षक तथा उच्च प्राइमरी में 35 बच्चों पर एक शिक्षक की तैनाती का नियम है। प्राथमिक में 3018 तथा उच्च प्राइमरी में 1210 की तैनाती है। एक जुलाई से विद्यालयों में पठन पाठन शुरू हो गया है। किसी विद्यालय मेें छात्र कम शिक्षक ज्यादा हैं। तो कहीं छात्र ज्यादा शिक्षक कम हैं। बीएसए ने शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए प्रक्रिया तेज कर दिया है। इसके लिए ब्लाकवार आंकड़ा तैयार कर एनआईसी पर अपलोड करा दिया गया है। आंकड़ों के अनुसार अपलोड सूची के अनुसार 145 विद्यालयों में 252 शिक्षकों को सरप्लस दिखाया गया है। जिसमें प्राइमरी के 98 विद्यालयों के 157 सरप्लस तथा जूनियर के 47 विद्यालयों के 95 शिक्षक सरप्लस हैं। प्राइमरी में 864 तथा उच्च प्राइमरी में 258 सहित 1122 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सभी विद्यालयों के रिक्त तथा सरप्लस की सूची बीआरसी पर चस्पा की जाएगी। सरप्लस शिक्षकों की सूची को बीआरसी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाएगी। इसके लिए शिक्षकों से विकल्प मांगा जाएगा। इस बाबत बीएसए ओपी त्रिपाठी का कहना है कि विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों तथा रिक्त पदों की सूची विद्यालयवार एनआईसी पर अपलोड कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दे दिया गया है।