मऊ। कोषागार में पेंशनरों को ऑनलाइन जीवित प्रमाणपत्र देने के लिए बनाई गई वेबसाइट बेमतलब साबित हो रही है। कारण, लगातार सर्वर फेल होने से उन्हें कोषागार तक जाकर मैनुअल जीवित प्रमाण पत्र जमा करना पड़ रहा। ऐसे में जहां वृ्द्धों के लिए कोरोना से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा तो वहीं परिजन भी परेशान हो रहे। जिले में 12 हजार 580 पेंशनर हैं। जिन्हें प्रत्येक साल नवंबर मे जीवित प्रमाणपत्र जमा करना होता है। कोरोना संक्रमण काल और वृद्ध पेंशनरों की परेशानी को देखते हुए शासन ने अक्तूबर माह में वेबसाइट www.jeevanpramon.gov.in लांच की थी। ताकि पेंशनर ऑनलाइन जीवित प्रमाणपत्र भर कर विभाग को भेज दे। लेकिन पेंशनरों के लिए लागू की गई यह सुविधा सर्वर डाउन होने के चलते काम नहीं कर रही। ऐसे में पेंशनरों को लगातार साइब कैफे की दौड़ लगानी पड़ रही है। थक हार कर उन्हें मैनुअल तरीके से कोषागार कार्यालय जाकर अपने जीवित होने का प्रमाण देना पड़ रहा है। सहायक कोषाधिकारी मेराज ने बताया कि सरवर फेल रहने पर वेबसाइट काम नहीं कर रही है। उच्चाधिकारियों को इस बात की जानकारी दे दी गई है। पेंशनर मैनुअल तरीके से जीवित प्रमाण कार्यालय आकर जाम कर सकते हैं।