दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बाद एक बार फिर बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में दहशत हो गई है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी वृद्धि दर्ज की गई है। नदी के रुख से मुक्तिधाम सहित ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर मंगलवार को 68.90 मीटर रहा। जबकि सोमवार को यह 68.80 मीटर था। नदी खतरा बिंदु 69.90 से एक मीटर नीचे बह रही थी। नदी में फिर से बढ़ाव के कारण नगर में स्थित दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में है। वहीं नदी के तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊंटीडांड़, बहादुरपुर, बीबीपुर, गौरीडीह, बेलौली, ताहिरपुर, जमीरा, चौराडीह, जमीरा चौराडीह आदि गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ गया है। इन गावों कि किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। नदी की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही है। प्रशासन के तरफ से अभी तक इन ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए कोई भी बंदोबस्त नही किया गया है।