चिरैयाकोट। परिवहन निगम की लापरवाही कहें या मनमाना रवैया, लेकिन इसका खमियाजा बीते डेढ़ वर्षो से चिरैयाकोट रूट के सैकड़ों यात्रियों को उठानी पड़ रही है। दरअसल चिरैयाकोट रूट से जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर रूट एक भी रोडवेज बस का संचालन नहीं होता है, जबकि चौकाने वाली बात है कि इसी रूट पर एक दर्जन से ज्यादा बसों का संचालन होता है। उधर निगम के जिम्मेदारी की इस उदासीनता के चलते निजी बस संचालकों के मनमाने किराया तथा ओवरलोड बसों में यात्रियों को यात्रा करना पड़ रहा है। पहले चिरैयाकोट बाजार से जिला मुख्यालय के लिए एक रोडवेज बस का संचालन करीब डेढ़ वर्ष पहले होता था, लेकिन इसे कम यात्रियों की संख्या का तर्क देते हुए बंद कर दिया गया। इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन बंद होने से वर्तमान में डग्गामार वाहनों की चांदी कट रही है।बताते चले कि चिरैयाकोट से वैसे तो जिला मुख्यालय जाने के लिये तीन मार्ग है, लेकिन तीनों मार्गों से लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिये काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।चिरैयाकोट से सरसेना काझा बाजार होते हुए मात्र एक सरकारी बस चलती थी।सुबह सात बजे और वापसी जिला मुख्यालय से चलने का समय शाम पांच बजे रखा गया था। उसे भी बंद कर दिया गया है।जिसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है।दूसरे इन मार्गों पर सबसे ज्यादा प्राइवेट चिरैयाकोट से मोहम्मदाबाद गोहना मार्ग पर निजी बसे 8, रानीपुर मार्ग पर 6 सरसेना, कमथरी, काझा, बधुआ गोदाम मार्ग पर 5 की संख्या में प्राइवेट बसे, टैक्सी, व टैंपो चलती हैं । इन मार्गों से होकर चलने वाले लोगों से गाड़ियों के चालक-परिचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूल करते है।समस्या के संबंध में गांव के सिरसा गांव के प्रधान गुड्डू सोनकर कहते है कि सरकारी बस न चलने से प्राइवेट बस, टैक्सी व टैम्पो चालकों द्वारा मनमानी की जा रही है। वहीं मसूदपुर निवासी रामआसरे राम का कहना है कि इस रूट पर निजी बसों का संचालन होता है, लेकिन जिम्मेदारों को यात्रियों की कमी दिखती है। मांग की अविलंब इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन हो। वहीं कमथरी प्रधान बिरजू यादव तथा मिर्जापुर निवासी मुन्ना सिंह कहते है कि चिरैयाकोट से तहसील मुख्यालय, ब्लाक मुख्यालय और कमथरी, काझा, बधुआ गोदाम के मार्गो से काफी लोगो का आना जाना होता है। ऐसे में रोडवेज बसों का संचालन बेहद जरुरी है।
कोट
मामला संज्ञान में है, इस रूट पर बस के संचालन को लेकर कवायद की जा रही है। जल्द ही सर्वे कराया जाएगा।
- अरुण कुमार वाजपेई, एआरएम मऊ डिपो