जिला अस्पताल की ओपीडी में दवा काउंटर पर दवा लेने के लिए जुटी लोगों की भीड़।संवाद
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मऊ। जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों के लिए लेटलतीफी तथा मनमानी करना आसान नहीं होगा। इस पर अंकुश लगाने के लिए जिला और महिला अस्पताल में ओपीडी सहित अन्य सेवाओं को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जाएगा। कैमरे के डीवीआर आईडी से निदेशालय में स्थापित कंट्रोल रूम से लिंक रहेंगे। निदेशालय इनकी रिकॉर्डिंग से अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखेगा। जिले में जिला अस्पताल, राजकीय महिला चिकित्सालय, चार अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा अन्य स्टाफ की अनियमित दिनचर्या से मरीजों का इलाज भगवान भरोसे है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ज्यादातर ओपीडी में चिकित्सक देर से पहुंचते हैं और समय से पहले निकल भी जाते हैं। इससे मरीज परेशान होते हैं। डॉक्टरों के मनमानी की लगातार मिल रही शिकायत के बाद शासन ने सख्त रुख अख्यितार किया है। जिला अस्पताल, राजकीय महिला चिकित्सालय सहित समस्त सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए शासन के आदेश पर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण ने विभागीय अधिकारियों को पत्र जारी कर प्रत्येक ओपीडी, दवा काउंटर, वार्ड, इमरजेंसी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया है। ऐसे में जिला अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय में स्थापित सीसीटीवी के डीवीआर की आईडी ऑनलाइन ओपीडी को मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। ऐसे में कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर अस्पताल में संचालित सेवा प्रदर्शित होती रहेगी। इसके अलावा रैंडम के आधार पर कंट्रोल रूम में मौजूद अफसर अस्पताल में संचालित सेवा की हकीकत देख सकेंगे। वहीं डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और तीमारदारों में होने वाले विवादों पर भी नजर रखी जा सकेगी। लापरवाही बरतने वालों पर सीधे कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि प्रथम चरण में जिला अस्पताल, जिला महिला चिकित्सालय की ओपीडी, इमरजेंसी, दवा काउंटर, रजिस्ट्रेशन सहित अन्य सेवाओं को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जाएगा। द्वितीय चरण में समस्त पीएचसी, सीएचसी में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।