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आधे से अधिक उपभोक्ता होंगे वंचित

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मऊ। उज्जवला योजना के उन्हीं लाभार्थियों के बैंक खातों में रसोई गैस सिलेंडर के मूल्य के लिए रुपये आ रहे हैं। जो सिलेंडर पाने के समय से नियमित रूप से रसोई गैस के सिलेंडर लेते रहे हैं। बहुत से उपभोक्ताओं के खातों में रुपये तो आए भी हैं लेकिन खातों से काफी दिनों से लेन देन न होने के कारण वे रुपये नही निकाल सके। सोमवार को कई महिलाएं बैंक शाखाओं पर यह पता लगाने के लिए गईं तो इनमें कई को पता चला कि रुपये तो आए हैं लेकिन उन्हें इसे निकालने के लिए केवाईसी देनी होगी। केवल सक्रिय उपभोक्ताओं के बैंक खातों में एक सिलेंडर की कीमत के 820 रुपये आए हैं। इन्हें खर्च कर लेने के बाद क्रमश दो महीनों में बारी बारी से रुपये आएंगे। जिले में उज्जवला योजना के कुल तीन लाख पांच हजार 34 लाभार्थी हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश ने पहली बार सिलेंडर पाने के बाद गैस खत्म हो जाने पर दुबारा गैस नही लिया। नये प्रावधान के अनुसार उनके खातों में रुपये नहीं आएंगे। जो उपभोक्ता सक्रिय रहे हैं उन्हीं के खाते में एक सिलेंडर के रुपये आए हैं। अब महिलाएं इसकी जानकारी के लिए बैंक पहुंच रहीं। मधुबन तहसील के पूर्तिगाढ़ा उसुरी गांव निवासी सविता, खीरीकोठा निवासी ऊषा देवी और माधुरी ने बताया कि उनके खातों में 820 रुपये आए हैं। काझा निवासी सुरसती ने बताया कि उसके खाते में 820 रुपये आए हैं लेकिन खाता बंद है। केवाईसी जमा करने पर मिल पाएंगे। दौलसेपुर की ऊषा और लोहाटिकर की कलावती ने बताया कि उनके खातों में भी रुपये आए हैं लेकिन अब केेवाई सी जमा करने पर ही मिल पाएंगे। जिला पूर्ति अधिकारी हिमांशु कुमार द्विवेदी ने बताया कि जो सक्रिय लाभार्थी हैं उन्हीं के खातों में एक सिलेंडर की रकम आ रही है।
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