नगरवासियों को जाम की समस्या से बचाने के लिए नगर पालिका और पुलिस प्रशासन द्वारा चार माह पूर्व वनवे की व्यवस्था की गई थी। इससे नगर के मुख्य मार्ग आजमगढ़-बालनिकेतन मार्ग पर एक माह तक इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिला था। लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से वन वे की यह व्यवस्था महज औपचारिकता बनकर रह गई है। उधर वर्तमान में त्योहार के चलते बाजार में भीड़ होने पर जाम लग रहा है, बावजूद जिम्मेदार खुद की बनाई व्यवस्था को अमल करने को लेकर रुचि नहीं दिखा पा रहे हैं।
नगरवासियों को जाम की समस्या को देखते हुए आजमगढ़-बालनिकेतन मार्ग को वनवे करते हुए बालनिकेतन की तरफ से आने वाले चार और तीन पहिया वाहनों को रोडवेज के यहां डायवर्ट कर उसे रोडवेज के पास से टर्न कर रेलवे स्टेशन रोड होते हुए मुंशीपुरा ओवरब्रिज के नीचे से लाते हुए आजमगढ़ मोड़ तक कर दिया गया था। जबकि आजमगढ़ मोड़ से तीन और चार पहिया वाहन बालनिकेतन जाएंगे। इस नियम का बकायदा एक माह तक पालन भी सख्ती से कराया गया। जिससे इस मार्ग पर जाम की समस्या कम हो गई थी, लेकिन यह व्यवस्था भी दूसरी व्यवस्थाओं की तरह अस्थाई साबित हुई, एक माह बाद से इसका पालन स्वत: खत्म होने लगा। वर्तमान में भले यह रूट वनवे है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।
चौकाने वाली बात है कि जहां वनवे के लिए बैरीकेडिंग की व्यवस्था है वहां पुलिस पिकेट के साथ महज 50 मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी भी स्थापित है, बावजूद इसका पालन पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं कराया जा रहा है।
फुटपाथ पर अस्थायी अतिक्रमण
नगर के बालनिकेतन तिराहा से आजमगढ़ मोड़ तक सड़क के दोनों किनारे पैदल राहगीरों के चलने के लिए नगर पालिका द्वारा फुटपाथ बनाया गया है। लेकिन इस पर पैदल राहगीर कभी चलते नहीं दिखेंगे, क्योंकि इस पर अस्थायी अतिक्रमण है। ऐसे में यह पटरी बनने के बाद भी इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
वहीं जाम से निपअने के लिए नगर पालिका ने आजमगढ़ मोड़ से बालनिकेतन तिराहा तक डिवाइडर तो बनवाया है, लेकिन यह व्यवस्था भी फेल साबित होते दिख रही है। सड़क के दोनों ओर आड़े तिरछे दो पहिया-चार पहिया वाहनों के पार्क होने से यह सुविधा अब ओर परेशानी का सबब बन रही है।
शहर में वन वे व्यवस्था पहले जैसे ही चल रही है। पुलिसकमर्मी और होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई है। स्थलीय जांच में गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संतोष यादव, यातायात प्रभारी
रोडवेज से बाल निकेतन तक बने फुटपाथ पटरी राहगीरों के लिए बनाई गई है। अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी की गई है।
दिनेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका