मऊ। सदर विधायक अब्बास अंसारी द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान जनसभा में अधिकारियों को धमकी देने के मामले में आरोपी इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुफ पुर मुहम्मदाबाद निवासी आरोपी मंसूर अंसारी ने बुधवार को सीजेएम एमपी/ एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सीजेएम श्वेता चौधरी ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।
इस दौरान मंसूर अंसारी की ओर से उनके अधिवक्ता ने जमानत के लिए अर्जी दी, जिस पर बचाव पक्ष और सहायक अभियोजन अधिकारी रविंद्र यादव के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में अपराध संख्या 97/ 22 धारा 506, 171च भादवि के तहत एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 22 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी।
पुलिस ने विवेचना मे मामले में धारा 506, 171 एफ,186,189,153 ए, 120 बी भादवि में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी आदि के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है।