श्रावण मास के तीसरे सोमवार को नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में स्थापित मंदिरों, शिवालयों में तड़के से श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। शिव भक्तों और कांवड़ियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शंकर का जलाभिषेक किया।
शिव भक्तों ने हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से पूरा जनपद भक्ति भावना से सरोबार रहा। सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं की भीड़ दोहरीघाट कस्बा के सरयू तट स्थित भगवान राम, भगवान परशुराम द्वारा स्थापित शिवलिंग पर रही। भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे। जिले मेें लगभग 125 प्रमुख शिवमंदिरों पर एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ को बेल पत्र और गंगा जल चढ़ाकर मन्नत मांगी। सावन माह के तीसरे सोमवार को प्रमुख मंदिरों पर तड़के से ही शिव भक्तों का रेला लगा रहा। भगवान शिव को को जल चढ़ाने के लिए रेला लगा रहा। मंदिरों में पूजन अर्चन करने वालों में अधिकांश संख्या महिलाओं की ही नजर आई। भारी भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। सबसे ज्यादा शिवभक्तों की भीड़ दोहरीघाट कस्बा स्थित सरयू तट पर रही। यहां आजमगढ़, मऊ, बलिया सहित गैर जनपदों से आए कांवड़ियों ने सरयू नदी से जल लेकर दोहरीघाट कस्बा के सरयू तट स्थित भगवान राम, भगवान परशुराम द्वारा स्थापित शिवलिंग पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जलाभिषेक किया।
इसके साथ ही नगर में पक्का पोखरा शिवमंदिर, शीतलामाता धाम, गाजीपुर तिराहा स्थित शिव मंदिर, कतुआपुरा शिवाला, मठियाटोला शिवमंदिर, हनुमानघाट, भीटी स्थित शिवमंदिर, पावरहाउस कॉलोनी स्थित शिवमंदिर, बालनिकेतन मोड़ स्थित शिवमंदिर और कैलाशपुरी सहित विभिन्न मंदिरों पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। गाजीपुर से गंगा जल लेकर चले कांवड़िए सोमवार को पैदल ही वापस लौटे और यहां स्थित शिवालयों में बोल बम के जयकारे के साथ जलाभिषेक किया। उधर कई मंदिरों पर भक्तों ने रुद्राभिषेक सहित विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान कर भगवान से मन्नत मांगी। वहीं कुछ भक्तों ने घर पर भी पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का विधि विधान से पूजन अर्चन किया।
कुसुम्हा और दोहरीघाट में विभिन्न जिलों से आए कांवड़ियों ने सरयू नदी से जल लेकर भगवान राम, भगवान परशुराम द्वारा स्थापित शिवलिंग पर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। क्षेत्र के गोठा, झारखंडी बाबा शिव मंदिर, गोंठा राम शाला शिव मंदिर, रामघाट स्थित पंचमुखी शिव मंदिर, मुक्तिधाम रोड स्थित अद्भुत शिव मंदिर, पतनई बाबा पाताल नाथ शिव मंदिर, फरसरा खुर्द शिव मंदिर, कुसुम्हा शिव मंदिर, हरिपरा शिव मंदिर, नई बाजार शिव मंदिर, सहीत सभी गांव के शिवालयों पर कांवड़ियों और शिव भक्तों ने पूजा अर्चना की।