मऊ डिपो और दोहरीघाट डिपो में नहीं मिलीं बसें
गाजीपुर रोड, चिरैयाकोट, मधुबन सहित विभिन्न रुटों के यात्री हुए परेशान
भीड़ अधिक होने से नहीं मिली सीट, निजी वाहनों से जाने को विवश हुई बहनें
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। शासन की तरफ से रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर 48 घंटे तक बहनों के रोडवेज बसों से आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी गई, लेकिन मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो में रोडवेज बसों का अकाल रहा।
शुक्रवार को रोडवेज परिसर में भीड़ अधिक होने से बसों की संख्या कम पड़ गई जिससे महिलाओं को परेशान होना पड़ा। ऐसे में बहनें निजी सवारी वाहनों से गंतव्य तक जाती दिखीं। निगम के आला अधिकारी व्यवस्था करने का आश्वासन देकर मामले को टालते रहे।
मऊ तथा दोहरीघाट डिपो में 84 बसों का संचालन होता है।रक्षाबंधन के मद्देनजर योगी सरकार की तरफ से बुधवार की रात 12 बजे से शुक्रवार की रात 12 बजे तक परिवहन निगम की बसों से नि:शुल्क यात्रा करने का फरमान जारी किया गया है। रक्षाबंधन के दूसरे दिन भी निगम के आला अधिकारियों ने भी होमवर्क नहीं किया। जिले के दोनों डिपो में खराब पड़ी बसों की मरम्मत न होने तथा चालकों के अभाव में बसें वर्कशाप में खड़ी रही। सभी बसों के न चलने से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। गाजीपुर रोड, चिरैयाकोट, मधुबन सहित विभिन्न रुटों पर बसों का अकाल रहा। नगर स्थित मऊ डिपो तथा दोहरीघाट डिपो में यात्रियों की सुबह से ही भीड़ लगी रही। महिलाएं बसों का इंतजार करतीं नजर आई। जो बस आ भी रही थी उनबसों में धक्कामुक्की के बीच यात्रा करना पड़ रहा था। वहीं समय से बसें न मिलने से महिलाएं निजी सवारी वाहनों से गंतव्य तक जाती दिखीं। इस संबंध में रोडवेज परिसर में सहादतपुरा की सरला सिंह, शकुंतला देवी, सुनीता यादव का कहना था कि दो घंटे से रोडवेज बस का इंतजार कर रही हूं। इस दौरान कई बसें गुजरीं लेकिन किसी में खाली सीट नहीं मिली, जिससे यात्रा की जा सकें।
इनसेट:
मऊ डिपो से चार हजार महिलाओं ने की नि:शुल्क यात्रा
रक्षाबंधन के अवसर पर शासन की तरफ से महिलाओं के लिए 48 घंटे के लिए शुरू की गई नि:शुल्क यात्रा का लाभ चार हजार महिलाएं उठा चुकी थीं।