मधुबन के कटघरा शंकर में निर्माणाधीन फायर स्टेशन।ग्राउंड रिपोर्ट की खबर में फोटो
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मधुबन। मधुबन विधानसभा सीट पर वर्तमान में दारा सिंह चौहान विधायक हैं। अपने कार्यकाल में मधुबन परसिया मार्ग के साथ घोसी मझवारा मार्ग, दोहरीघाट में 30 बेड का अस्पताल, अगलगी की समस्या से निजात के लिए फायर स्टेशन, युवाओं के शिक्षा के लिए राजकीय महाविद्यालय, गोठा में नया बिजली उपकेंद्र तो दुबारी में बिजली उपकेंद्र में पुराने मशीनों को बदलने का कार्य सहित तमाम विकास कार्य गिनाते हैं। जबकि विपक्ष का कहना है कि भाजपा के 2017 से 2022 तक के कार्यकाल में कोई कार्य नहीं हुआ है। यदि उन्होंने कार्य किया तो मधुबन विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहिए। विपक्ष कहता है कि औद्योगिक क्षेत्र उपेक्षित हाल में है। उद्योग धंधों के न लगने से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा घाघरा नदी के तलहटी पर है, इनके द्वारा ठोकर बनाया गया बावजूद बिंदटोलिया गांव कट गया। शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थिति ठीक नहीं है। विधायक दारा सिंह चौहान कहते हैं कि हमारे कार्यकाल में काफी विकास कार्य कराए गए हैं। बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा में काफी विकास कार्य कराए गए है। जन-जन की समस्याओं का समाधान कराने में लगा रहा। बिजली, स्वास्थ्य, सड़क, हैंडपंप सहित तमाम जनसमस्याओं को लेकर लोगों की कोई शिकायत नहीं है। किसान, नौजवान, छात्र महिला सभी के लिए कार्य हुआ है। हजारों लोगों को भेदभाव रहित प्रधानमंत्री आवास दिया गया। कोरोना काल में प्रवासियों को सहायता दिया गया। जबकि प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अमरेश चंद्र पांडेय कहते हैं कि भाजपा के 2017 से 2022 तक के कार्यकाल में कोई कार्य नहीं हुआ। वह जब तक मंत्री रहे मधुबन परसिया मार्ग के गड्ढों से हो कर गए। घागरा के कटान से बचाव के लिए बनाए गए ठोकर केवल कागज में बने सब पैसा खा गए। यदि कल्पनाथ राय बनकर विकास किए हैं तो चुनाव क्यों नहीं लड़े। सपा ने मधुबन से चुनाव क्यूं नहीं लड़ाया। भाजपा लोगों को आपस मे लड़ाकर राज करती है। छुट्टा पशुओं, खराब सड़के क्षेत्र की पहचान बन गई है। महगाई चरम सीमा पर है। वोटर प्रमोद मिश्र, महाप्रसाद गुप्ता, विनोद यादव और रमेश यादव कहते हैं कि क्षेत्र में बहुत विकास हुआ। अधिकांश को प्रधानमंत्री आवास मिला है। शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य में विधायक द्वारा कार्य किया गया। वह जनता के लिए हमेशा सर्व सुलभ रहे। सड़के अच्छी बनी हैं। लोग सुरक्षित हैं। सबको भेदभाव रहित बिजली मिल रही है। कानून व्यवस्था सही है। क्षेत्र में छुट्टा पशुओं के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ। सड़कों का बुरा हाल है। रोजगार के क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हुआ है। हर साल बाढ़ में सड़के टूट जाती है। लेकिन इनकी सुध नहीं ली जा रही। नाले का निर्माण नहीं हुआ। सरजू के तलहटी पर बसा देवरांचल विकास में सदैव फिसड्डी है। बाढ़ और आगलगी की घटनाएं क्षेत्र को हर साल बर्बाद करती हैं। जनप्रतिनिधि वोट तो मांगते हैं लेकिन विकास के बारे में नहीं सोचते हैं।