नगर क्षेत्र में जाम की समस्या काफी पुरानी है। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन की तरफ से अभियान जरूर चलता है लेकिन नतीजा वहीं ढाक के तीन पात। अभियान का असर केवल चंद समय तक दिखाई पड़ता है। जैसे ही अफसरों का ध्यान हटता है, स्थानीय दुकानदार सरकारी तंत्र की मिलीभगत से हालात पुराने जैसे ही बन जाते हैं। नगर क्षेत्र में खुले शॉपिंग माल सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सामने पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में खरीदारों के वाहन सड़क के किनारे पार्क होते हैं। फुटपाथ पर दुकानदार अपने उत्पाद को डिस्प्ले के लिए सजाते हैं। ऐसे में सड़क संकरी हो जाने से जाम की स्थिति रहती है। आश्चर्यजनक स्थिति यह है कि नगरपालिका प्रशासन की तरफ से शहर के अंदर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की जहमत तक नहीं उठाई जाती है। सब कुछ जानते हुए आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। नगर क्षेत्र के सहादतपुरा, गाजीपुर तिराहा, जिला अस्पताल, भीटी, मिर्जाहादीपुरा, फातिमा तिराहा, भीटी-बहादुरगंज सहित विभिन्न स्थानों पर गुमटियों, ठेला, खोमचा आदि लगे रहने से जाम की स्थिति रहती है। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है। जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए गत सोमवार को गाजीपुर तिराहा से फातिमा तिराहा तक अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाया गया लेकिन चंद समय बाद स्थिति पूर्ववत हो गई। नगरपालिका प्रशासन की तरफ से आजमगढ़ मोड़ से फातिमा तिराहा, भीटी सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया जाता है। इसके बावजूद शहर के अंदर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की जहमत ही नहीं उठाई जाती है। हालत यह है कि बाजारों में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर के आजमगढ़ मोड़ से लेकर बाल निकेतन तक डिवाइडर बना है लेकिन सड़क के दोनों ओर वाहनों की पार्किंग होने से सड़क संकरी हो जाती है। सड़क पर वाहनों के खड़े रहने से हमेशा जाम की स्थिति रहती है। जाम की समस्या का समाधान कब तक होगा, ये आला अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।