मऊ। बीते विधानसभा के आम चुनाव के दौरान नफरत फैलाने वाले भाषण और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में आरोपी विधायक अब्बास अंसारी की पेशी बुधवार को कासगंज जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। वहीं आरोपी उमर अंसारी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुआ।मामले में कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ।
सीजेएम एमपी/ एमएलए श्वेता चौधरी ने 27 मार्च की तिथि नियत की। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले में अभियोजन के अनुसार एसआई गंगाराम बिंद की तहरीर पर शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इसमें सदर विधायक अब्बास अंसारी व अन्य को आरोपी बनाया गया। आरोप था कि 3 मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने नगर क्षेत्र के पहाड़पुर मैदान में जनसभा के दौरान कहा कि जनपद मऊ के प्रशासन को चुनाव के बाद रोककर हिसाब किताब करने व इसके बाद सबक सिखाने की धमकी मंच से दी गई थी। पुलिस ने विवेचना में मामले में सदर विधायक अब्बास अंसारी व उनके भाई उमर अंसारी, इलेक्शन एजेंट गाजीपुर जनपद के पुरानी कचहरी यूसुपुर मुहम्मदाबाद निवासी मंसूर अंसारी के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया है। मामले में उमर अंसारी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए, वही अब्बास अंसारी की जरिए वीसी पेशी हुई। मामला साक्ष्य में चल रहां है। कोई साक्षी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। सीजेएम ने मामले में साक्ष्य के लिए 27 मार्च की तिथि नियत किया।