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Mau News: पुराने शिक्षकों को टीईटी से दी जाए छूट

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कलेक्ट्रेट पर अपनी मांगों को लेकर सिटी ​मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपते राष्ट्रीय शै​क्षिक महासंघ क
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मऊ। सरकारी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को टीईटी पास करने के अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को संबोधित जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के अनुसार, सभी सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य कर दिया है। इसमें आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त पुराने शिक्षक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में संशोधन कर पुराने शिक्षकों को टीईटी से छूट दी जाए। संसद या पुनर्विचार याचिका के माध्यम से इस आदेश पर प्रभावी कार्रवाई न करने की व्यवस्था की जाए। आरटीई लागू होने से पहले से सेवा दे रहे शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 23(1) और 23(2) के अनुसार, टीईटी की अनिवार्यता पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू नहीं होती। एनसीटीई की अधिसूचना 2010 और आरटीई संशोधन अधिनियम 2017 भी इसी बात की पुष्टि करते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जुलाई 2011 को आरटीई लागू किया, इसलिए इस तिथि तक नियुक्त शिक्षक टीईटी से मुक्त परिवार के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष रूपेश कुमार पांडेय, महामंत्री अरविंद कुमार, चंद्रापीड मिश्र आदि शामिल थे।
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