मऊ। जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों, कालेजों में पुरातन छात्र छात्राओं के नाम नहीं लिखवाए जा सके हैं। संक्रमण के सामान्य होने के बाद भी प्रधानाचार्य इस कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय, 517 माध्यमिक विद्यालय हैं। शासन की तरफ से विद्यालयों में पुरातन छात्रों का सम्मेलन करने का फरमान जारी किया गया था। इसके पीछे मकसद था कि इनसे छात्र प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे। सफल पुरनियों का नाम भी विद्यालय में लिखवाया जाना था। कोविड के चलते यह सिलसिला रुक गया था। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संस्कृति विभाग स्वतंत्रता के भूले बिसरे लोगों को याद कर रहा है। 2021 में यूपी बोर्ड स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर माध्यमिक विद्यालयों से पुरातन छात्र छात्राओं की सूची मांगी गई थी। नाम मात्र विद्यालयों ने ही सूची मिशन गौरव पोर्टल पर भेजी। अब जब संक्रमण सामान्य हो गया है तो ऐसे में भी अधिकांश विद्यालय के प्राधानाचार्य इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। यही नहीं पुरातन छात्र छात्राओं का नाम विद्यालयों में लिखवाया नहीं जा सका है। जिला विद्यालय निरीक्षण राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पुरातन छात्र सम्मेलन कालेज प्रशासन अपने स्तर से करा सकते हैं। विद्यालयों में सफल पुरातन छात्र छात्राओं की सूची लगने पर छात्र तथा अभिभावक आकर्षित होंगे। इस मामले में शिक्षा विभाग से कोई योजना नहीं चल रही है।