अब निकायों की तरह गांवों की स्वच्छता रैकिंग जारी होगी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2023 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसकी तैयारियों के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला भी हो चुकी है। इसमें कार्यरत परामर्शदाताओं को ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए निर्देश दिया गया है। जिले में 671 ग्राम पंचायतें हैं। सरकार की तरफ से गांवों को स्मार्ट गांव के रुप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण 2023 को लेकर ग्राम पंचायतों में तैयारियां शुरू करते हुए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत गांव में सामुदायिक खाद, व्यक्तिगत खाद गड्ढे, वर्मी व विंडो कंपोस्टिंग, कूड़ा पात्र, अपशिष्ट एकत्रीकरण के लिए वाहन, मैटेरियल रिकवरी सेंटर आदि बनाए जाएंगे। इसी क्रम में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य कराए जाएंगे। साथ ही प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य भी इसमें शामिल किए जाएंगे। पहले जनपदस्तर से गांवों में जारी संसाधन के हिसाब से स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण-2023 की रैंकिंग जारी होगी। उसके बाद फाइनल सूची जारी होने के बाद शासन से नामित एजेंसी सर्वेक्षण करेगी। शासन के फरमान के बाद खंड विकास अधिकारियों, पंचायत सचिवों व ग्राम प्रधानों आदि को पत्र जारी कर तैयारियां आरंभ करा दी गई हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतें सम्मानित भी होंगी।