उफ ये गर्मी:गर्मी के बीच नगर के बालनिकेतन से कुछ इस तरह से धूप से गमछा से बचने का प्रयास कर जाते युव?
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मऊ / मधुबन। जून के दूसरे सप्ताह में देह झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। जिले में बुधवार को भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। अस्पतालों में ओपीडी की संख्या दोगुनी हो गई है। सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पताल भी मरीजों से भरे पड़े हैं। इसके अलावा जिले में पीने के पानी का संकट भी बढ़ गया है। गांवों में जहां पीने के पानी की आपूर्ति कम हो रही है, वहीं शहर में भी ऊपरी इलाकों में पानी कम पहुंच रहा है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक आगे भी तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसके लिए लोगों को काफी सावधानी बरतनी चाहिए। इस भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा मजदूर झुलस रहे हैं। इनके अलावा बाहर रेहड़ी व रिक्शा चला कर अपने परिवार का पालन करने वाले गरीब लोग अधिक झुलस रहे हैं। इस गर्मी के चलते उनका दोपहर के समय मजदूरी करना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मजबूरी में मजदूरी करनी पड़ रही है। मकान बनाने वाले राजगीर मिस्त्री कमलेश राजभर का कहना है कि इतनी अधिक गर्मी है कि काम करना मुश्किल हो रहा है। पूरे दिन पानी पीकर तो कभी अपने ऊपर पानी डालकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते हैं। गर्मी के कारण मर्यादपुर, दुबारी, दरगाह सहित कस्बे के बाजार पूरी तरह से सूने पड़े हैं। सुबह 10 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक व्यापारी दुकानों पर बैठे ग्राहकों का आने का इंतजार करते हैं। डा. मुहम्मद रजा का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर के अंदर पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में पानी ज्यादा पीएं तथा कोशिश करें कि नीबू पानी व ग्लूकोज आदि का सेवन पानी के साथ करें।