मऊ/मधुबन। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों खाद्यान आपूर्ति की पात्रता के लिए शासन ने नई गाइड लाइन जारी कर दी है। इसमें खरा न उतरने वाले लाभार्थियों को राशन कार्ड स्वत: सरेंडर करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर विभागीय जांच में अपात्र पाए जाने पर रिकवरी की जाएगी। इस आशय के निर्देश सभी उपजिलाधिकारियों के माध्यम से कोटेदारों और लाभार्थियों को दिए गए हैं। एसडीएम मधुबन कोमल यादव ने कहा है कि यदि जांच में अपात्र पाए गए तो जारी की गई तिथि से वितरित किए गए गेहूं, चावल एवं अन्य वस्तुओं की कीमतें वसूली की जाएंगी। कहा कि जिस लाभार्थी के पास ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, चार पहिया वाहन, एसी अथवा पांच केवीए या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो, नगरीय क्षेत्रों में सभी स्रोतों से वार्षिक आय तीन लाख तथा ग्रामीण क्षेत्रों में दो लाख रूपये होगी ऐसे लोग राशन कार्ड से खाद्यान्न पाने के लिए अयोग्य होगे। चेताया कि यदि राशन कार्ड जमा नहीं किया जाता है तो जांच के दौरान पाए जाने पर गेहूं 24 रुपये प्रति किग्रा, चावल 32 रुपये प्रति किग्रा एवं खाद्य तेल, नमक एवं चना की कीमतों की वसूली बाजार दर से वसूली की जाएगी। आपूर्ति निरीक्षक ने सभी कोटेदारो को ऐसे लाभार्थियों को चिह्नित कर राशन कार्ड जमा करने के निर्देश दिए हैं।