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Mau News: नाबालिग के साथ दुष्कर्म में दोषी को नौ वर्ष की सजा

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मऊ । विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने नाबालिग लड़की को शादी के आशय से बहला फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में नामजद दो आरोपियों में से एक को दुष्कर्म करने के आरोप में नौ वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही कुल 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। वहीं, दूसरे आरोपी को नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने के मामले में दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड जमा हो जाने पर 15 हजार रुपये पीडि़ता को देने का आदेश दिया। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार वादिनी मुकदमा की नाबालिग पोती को आरोपीगण शादी के आशय से एक अक्तूबर 2016 को भगा ले गए। इस दौरान एक आरोपी ने पीडि़ता के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने वादिनी की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर बाद विवेचना सुधाकर और साहब भारती के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विमल कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार मिश्रा और रामचंद्र चौहान ने कुल पांच गवाहों को पेश किया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद सुधाकर को पाक्सो एक्ट में नौ वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। वहीं, नाबालिग को भगाने के मामले में तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
शादी के आशय से भगाने के मामले में 5 वर्ष की सजा के साथ ही 15 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। दोषी साहब भारती को नाबालिग को भगाने के मामले में तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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