चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के लरेवा गांव में शुक्रवार की सुबह लगभग आठ बजे सिंचाई के लिए पंप चलाने गए किसान ने सरसों के खेत में नवजात बच्ची को पड़ी देखा। काफी देर पूछताछ के बाद जानकारी नहीं मिलने से गांव के ही एक वृद्ध किसान बच्ची को लेकर अपने घर चला गया। लरेवा गांव निवासी सुमेर चौहान शुक्रवार की सुबह आठ बजे खेतों की सिंचाई के लिए पंप चलाने के लिए गए। अचानक उनकी नजर सरसों के खेत में पड़ी एक नवजात बच्ची पर गई। उसने इस बात की सूचना गांव वालों को दी। कुछ ही देर में यह बात आग की तरह पूरे गांव में फैल गई।काफी देर तक पूछताछ के बाद बच्ची किसकी है जानकारी नहीं मिली तो वहां मौजूद लगभग 68 वर्षीय किसान के कहने पर गांव वालों ने बच्ची को उन्हें ही सौंप दिया।
बद्री ने कहा कि मैं इस बच्ची का पालन पोषण कर शादी विवाह भी करूंगा। कभी माता-पिता की कमी का आभास नहीं होने दूंगा।