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गांवों में मनरेगा कार्यों के न्यू मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम नहीं हो रहा पालन

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मऊ गांवों में मनरेगा के तहत चल रहे विकास कार्यों में न्यू मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम का अनुपालन नहीं हो रहा है। शासनादेश के विरुद्ध पूर्व की भांति मनरेगा मजदूरों के कार्य स्थल पर मैनुअली कार्य किए जा रहे हैं। इससे सरकार के नए आदेश के पालन की अवहेलना हो रही है। शासन की तरफ से लगभग डेढ़ साल पहले गांवों में कराए जा रहे विकास कार्यों को मनरेगा के न्यू मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम के कराए जा रहे कार्यस्थल पर पहुंचकर मजदूरों की उपस्थिति ,कराए जा रहे कार्य की फोटो मोबाइल से खींचने और उसी के अनुसार मोबाइल में फीड करके ब्लाकों पर भेजने का निर्देश दिया था। इस बारे में गांवों के रोजगार सेवकों को प्रशिक्षण भी देने का निर्देश दिया गया था। जिले के सभी 671 गांवों में रोजगर सेवकों को प्रशिक्षण देने के निर्देश थे। लेकिन केवल 356 रोजगार सेवकों को ही प्रशिक्षण दिया गया। शेष रोजगार सेवकों को प्रशिक्षण नहीं दिय गया। चूंकि चुनाव के दौरान तो गांवों में मनरेगा के तहत विकास कार्य कम ही कराए गए लेकिन नई ग्राम पंचायतों के गठन के बाद गांवो में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। नियमानुसार इन कार्यों कमी मानीटरिंग न्यू मोबाइल मानीटिरिंग सिस्टम के तहत होनी चाहिए। लेकिन सभी गांवों में अभी पुराने ढर्रे पर ही काम हो रहा है। मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों पर रोजगार सेवक पहले ही तरह मैनुवली ही मजदूरों की हाजिरी लगा रहे हैं और उसी के अनुसार मस्अररोल बला रहे हैं और उसी पर मजदूरी का भुगतान भी हो रहा है। रोजगार सेवकों का कहना है कि उनके पास एंडायड मोबाइल नहीं है। इस बारे में सीडीओ राम सिंह वर्मा का कहना है कि सभी को न्यू मोबाइल सिस्टम से ही काम करने को कहा गया है। अगर कहीं पर मैनुवली मानीटरिंग हो रही है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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