मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक अशोक कुमार ने जमीन के बंटवारे के विवाद को लेकर चाचा की हुई गैरइरादतन हत्या के मामले में भतीजे को दोषी पाया। एडीजे ने अपने आदेश में लिखा कि वादी कृष्णा राम के पिता श्यामलाल को लोहे के रॉड से प्रहार कर सिर में गंभीर चोट पहुंंचाया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एडीजे ने दोषी पाए गए राजेेश को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथी 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर 90 प्रतिशत धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के निजामुद्दीनपुरा मुहल्ला निवासी कृष्णा राम पुत्र श्यामलाल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें निजामुद्दीनपुरा निवासी राजेश को आरोपी बनाया गया। वादी का कथन था कि 26 जुलाई 2021 को जमीन के बंटवारे के विवाद को लेकर आरोपी राजेश ने उसके पिता श्यामलाल जो बाईपास रोड गालिबपुर के पास के कोयले की दुकान पर सो रहे थे। उन्हें लोहे की रॉड से सिर पर प्रहार कर गंभीर चोट लगी, इलाज के दौरान उसके पिता श्यामलाल की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए प्रभारी डीजीसी फौजदारी अजय कुमार सिंह ने कुल सात गवाहों को पेश कर अभियोजन का पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्योंं का अवलोकन करने के बाद आरोपी राजेश को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा के साथही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।