मधुबन में घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद होती कटान।
- फोटो : MAU
मऊ। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि घाघरा नदी की धार बहुत तेज हो गई है। तीन लाख क्यूसेक नेपाल ने पानी छोड़ा है। यह पिछली बार से दूना अधिक पानी छोड़ा गया है। जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि समय रहते ही लोगों से शिविर में आने को कहा गया है। बाढ़ पीड़ितों में सोमवार को 1200 सौ पैकेट राहत सामग्री वितरित ्की गई। मंगलवार को भी राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से 23 नाव उपलब्ध करायी गयी हैं। इनमें दो बड़ी और 21 छोटी नाव हैं । इसके अलावा चार बड़ी नाव और भेजी गई है ।छोटी और बड़ी कुल मिलाकर 27 नावें बाढ़ प्रभावित इलाको में भेजी गई है। डीएम ने बताया कि बाढ़ ग्रस्त इलाके में पीएसी के जवानों को तैनात कर दिया गया है ।पीएसी के जवान भी अपने संसाधनों से लैस होकर बाढ़ क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ क्षेत्र के नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी केहरी सिंह को भी मौके की समय-समय पर निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा उप जिलाधिकारी मधुबन को भी बाढ़ ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।