मऊ। अब शीघ्र ही जिला मुख्यालय स्थित नवीन कृषि उप मंडी को प्रधान कृषि मंडी का दर्जा मिलेगा। किसानों को धान गेहूं सहित अन्य फल सब्जियों का उचित मूल्य मिल सकेगा। साथ ही आधुनिक सुविधाएं बहाल होगी। इसके साथ ही कोपागंज उप मंडी स्थल के निर्माण की कवायद शुरू होगी। शासन ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिले के किसानों के मेहनत कमाई की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कल्पनाथ राय ने जिला मुख्यालय पर 17.671 एकड़ जमीन में नवीन कृषि मंडी की स्थापना कराया था। लेकिन आठ एकड़ भूमि में फल तथा सब्जी के लिए दूकानों का निर्माण कराया जा सका है। जमीन उपलब्ध तो है, लेकिन न तो सुविधाएं बहाल की जा सकी है और न ही नवीन कृषि मंडी का विस्तार ही किया जा सका है। मंडी जिला मुख्यालय के समीप नगर क्षेत्र बनी है, लेकिन नवीन कृषि उप मंडी कोपागंज नाम होने से किसानों में भ्रम की स्थिति रहती है। बजट की कमी से काफी विकास कार्य अधर में लटका है। इस मामले में कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के शहरोज गांव निवासी तथा भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राघवेंद्र राय शर्मा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन नवीन कृषि उप मंडी को प्रधान कृषि मंडी का दर्जा प्रदान करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब मंडी परिषद विज्ञापन प्रकाशित कराने के बाद आपत्ति मांगी जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवीन कृषि उप मंडी को प्रधान कृषि मंडी का दर्जा मिल सकेगा। अधिकारियों की मानें तो प्रधान कृषि मंडी बन जाने से मंडी के बजट आवंटन में वृद्धि होगी। इससे किसानों तथा व्यापारियों को तमाम सहुलियत मिलने लगेगी। मंडी परिसर में गेहूं, धान क्रय केंद्र की स्थापना होगी। इसके अलावा किसान विश्राम गृह, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, सुलभ शौचालय का निर्माण, प्रकाश की समुचित व्यवस्था सहित विभिन्न सुविधाएं बहाल की जाएगी। कोपागंज उप मंडी समिति के निर्माण की कवायद शुरू होगी।इस बाबत कृषि उत्पादन मंडी मंडी समिति के सचिव सालिक राम का कहना है कि नवीन कृषि मंडी को प्रधान मंडी का दर्जा देने के लिए शासन की तरफ से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराने के बाद आपत्तियां मांगी जाएगी।