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खुदा-ए-बरहक वो मेरा हो नहीं...

Mon, 05 Jan 2015 11:23 PM IST
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
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नगर क्षेत्र के संस्कृत पाठशाला पर रविवार की रात ईद मिलादुन्नबी पर्व पर दीनी नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। मुशायरे में मुख्य अतिथि अरशद जमाल पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथि तैयब पालकी के रुप में उपस्थित रहे।
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दीनी नातिया मुशायरे में शैदा बैजापुरी, चांद जहानागंजी, शाहिद गौहर, शाहिद फरीद, ओसैद अहमद ओसैद, जकी महफूज, मुजाहिद, बेलाल आदि शायरों ने कलाम पढ़े।

 मुशायरे का संचालन कर रहे मंजर जमील आशिक ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ...कमली वाले से ये कहना है खुदा-ए-बरहक वो मेरा हो नहीं सकता जो तुम्हारा ना हुआ।

दीनी नातिया मुशायरे में शायर ओसैद अहमद ओसैद ने पढ़ा ...आए तो बगावत की लौटे तो अताअत थी,  गुफ्तार की शबनम से तलवार झुका दी।

मुशायरे को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अरशद जमाल पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होते रहना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तैयब पालकी ने कहा कि कौम के जो लोग आगे हैं उनसे सीख लेकर मुसलमानों को तरक्की करनी चाहिए।
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