विधायक निधि का गबन, फर्जी असलहा प्रकरण और गैंगस्टर एक्ट समेत तीन मामलों में बांदा जेल में बंद पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी बुधवार को वीडियो कांफेंसिंग से एमपी/एमएलए कोर्ट में हुई। तीनों मामलों में सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तिथि नियत हुई।
पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने पैरवी की। पहला मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में मुख्तार अंसारी, आनंद, बैजनाथ यादव और संजय सागर को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित कर दिया है। मामले में आरोप तय होना है लेकिन पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते बहस नहीं हो सकी। प्रभारी एसीजेएम/एमपी एमएलए ने मामले में आरोप पर बहस के लिए 3 अगस्त की तिथि नियत की है। वहीं दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के असलहा मामले में मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। एसीजेएम ने मामले में अगली पेशी के लिए 3 अगस्त की तिथि नियत की। अभियोजन के अनुसार दक्षिण टोला थाना में तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी के विरुद्ध फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुई थी। इसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोगों को आरोपी बनाया गया। उक्त मामले में बुधवार को एसीजेएम/ एमपी एमएलए कोर्ट में पेशी हुई।
तीसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। मामले में प्रभारी विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तिथि तय की। बता दें कि राम सिंह मौर्य और सिपाही सतीश की हत्या के मामले को आधार बनाते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला संदीप सिंह ने मुख्तार अंसारी सहित कई लोगों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया था। इस मामले में साक्ष्य की कार्रवाई चल रही है।