मऊ। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया की कोर्ट में शुक्रवार को राम सिंह मौर्या और सिपाही सतीश की हत्या तथा इसी मामले को लेकर दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की पेशी बांदा जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। अधिवक्ताओं की हडताल के चलते कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। जज ने दोनों मामलों मे सुनवाई के लिए 27 मई की तिथि नियत की। वही फर्जी असलहा प्रकरण मे की गई पैरवी तथा विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले मे एसीजेएम एमपी/एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी की कोर्ट में सुनवाई के लिए 26 मई की तिथि तय की। सुनवाई के अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह उपस्थित रहे। इसमें तीन मामले दक्षिणटोला और एक सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपिय़ो के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्रावली में बहस होना है। दूसरा मामला दक्षिणटोला थाना क्षेत्र का है। उपरोक्त मामले को आधार बनाकर दक्षिण टोला थाने मे गैंगेस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई। इसमें साक्ष्य की कार्यवाही चल रही है। तीसरा मामला भी इसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, तत्कालीन थानाध्यक्ष निहाल नंदन की तहरीर पर मुख्तार अंसारी पर फर्जी असलहा प्रकरण में की गई पैरवी को आधार मानते हुए एफआईआर दर्ज हुई थी। जिसमें मुख्तार अंसारी सहित सात लोग आरोपी बने थे। उक्त मामले में शुक्रवार को आरोप तय होना था। चौथा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। विधायक निधि के दुरुपयोग के मामले में दर्ज मुकदमे में मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दारोगा सिंह ने दोनों मामलों में बहस के लिए समय मांगा।