रामसिंह मौर्या और सिपाही सतीश की हत्या तथा गैंगस्टर एक्ट के मामले में बुधवार को बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई। हत्या के मामले में वादी मुकदमा अशोक सिंह की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर रोक लगा दी है। जिसके चलते विशेष न्यायाधीश एमपी/ एमएलए दिनेश कुमार चौरसिया ने सुनवाई के लिए एक अप्रैल वहीं गैंगेस्टर एक्ट के मामले में कोई गवाह उपस्थित नहीं होने पर साक्ष्य के लिए पांच अप्रैल की तिथि तय की। अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा अशोक कुमार सिंह की तहरीर पर मुख्तार अंसारी समेत पांच नामजद और कुछ अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्ध दक्षिण टोला थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोप है कि 19 मार्च 2010 को अजय प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना सिंह की हत्या के मामले के गवाह राम सिंह मौर्य और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही सतीश की तत्कालीन एआरटीओ कार्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में गवाही हो चुकी है। बहस होना है। लेकिन मुख्तार अंसारी की ओर से प्रार्थना पत्र देकर आरक्षी राजेंद्र यादव, संतोष सिंह व राजेंद्र प्रसाद को सफाई साक्ष्य के लिए तलब किए जाने की मांग की गई हैं। मामले में वादी मुकदमा की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने कार्यवाही पर रोक लगा दी है। जिसपर विशेष न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि नियत किया। दूसरा मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष दक्षिण टोला संदीप सिंह की तहरीर पर राम सिंह मौर्या और सिपाही सतीश की हुई हत्या के मामले को आधार बनाते हुए मुख्तार अंसारी व अन्य के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले में साक्ष्य की कार्रवाई होनी है। विशेष न्यायाधीश एमपी /एमएलए ने मामले में साक्ष्य के लिए पांच अप्रैल की तिथि नियत की