मऊ । शासन के आदेश पर जिला और पुलिस प्रशासन मुख्तार अंसारी गिरोह के विरुद्ध अभियान छेड़ रखा है। गिरोह के लोगों द्वारा संचालित अवैध बुचडख़ाना, मछली व्यवसाय, अवैध वसूली आदि के विरुद्ध धड़ाधड़ कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने मुख्तार अंसार गिरोह से जुड़े पांच लोगों के सात असलहों के लाइसेंसों को निरस्त कर दिया है। गिरोह से जुड़े लोग भूमिगत हो गए हैं। मुख्तार अंसारी के आइएस-191 गिरोह से जुड़े सलीम निवासी दर्जी मोहल्ला वार्ड 12 युसुफपुर थाना मोहम्मदाबाद जनपद गाजीपुर, इसराइल निवासी डोमनपुरा बालापुर थाना मोहम्मदाबाद जिला गाजीपुर एवं अनवर शहजाद निवासी तैयदबाड़ा थाना कोतवाली नगर जनपद गाजीपुर (रिश्ते में मुख्तार अंसारी के साले) द्वारा फर्जी पता दिखाकर अवैध व विधि विरुद्ध तरीके से शस्त्र लाइसेंस व लाइसेंसी शस्त्र प्राप्त किए गए थे। गोपनीय सूचना के आधार जांचोपरांत सभी के विरुद्ध थाना दक्षिणटोला पर एफआइआर पंजीकृत किया गया था। इसमें मुख्तार अंसारी भी सह-अभियुक्त हैं। इन तीनों के शस्त्र निरस्तीकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की गई थी। जिलाधिकारी द्वारा तीनों शस्त्र निरस्त कर बुधवार को संबंधित थानाध्यक्ष को शस्त्र जमा करने के लिए आदेशित किया गया है। इसीक्रम में थानाध्यक्ष सरायलखंसी की तरफ से डीएम को भेजे गए चार शस्त्रों के लाइसेंसों के निरस्तीकरण की संस्तुति को डीएम ने मंजूरी दे दी। थानाध्यक्ष सरायलखंसी निहार नंदन ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के अधार पर वो बीते तीन जुलाई को सरावां गांव के बिचलापुरा निवासी हाजी मुख्तार पुत्र हनीफ के घर छापेमारी किए। यहां से 315 बोर के 55 कारतूसों बरामद हुए। जांच के दौरान पता चला कि बरामद कारतूस हाजी मुख्तार के पुत्र मुख्तार खुर्शीद और जावेद के नाम से जारी शस्त्र लाइसेंस के है। जबकि दोनों बाहर है उनके असलहे जमा है ऐसे में कारतूस घर में मिले तो यह नियत विरुद्घ था। इसके अलावा हाजी मुख्तार सहित उनके परिवार के सदस्यों के विरुद्घ थाने में तीन मामले भी दर्ज है। ऐसे में कारतूस घर में मिलना अपराधिक घटना को बढ़ावा देना है। इस आधार पर खुर्शीद और जावेद के नाम से जारी शस्त्र लाइसेंसों को निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। इसीक्रम में सरवां गांव निवासी संजय सागर पुत्र चंद्रदेव राम के नाम से जारी दो असलहों के लाइसेंस को भी डीएम ने निरस्त कर दिया। पुलिस की मांने तो संजय सागर ने दो लाइसेंसों पर दो जन्मतिथि दर्शाते हुए शस्त्र का लाइसेंस बनवाया था। इसमें पहला लाइसेंस जब जारी हुआ जब वो 17 वर्ष के थे। ऐसे में जांच के दौरान दोनों लाइसेंसों में दो जन्म तिथि मिलने पर उसे निरस्त करने की संस्तुति की गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि तीनों व्यक्ति मुख्तार अंसारी गिरोह के सक्रिय सदस्य है। ऐसे में असलहों का दुरुपयोग होना लाजमी है।