मऊ। मुख्तार अंसारी की ओर से बीते वृहस्पतिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट / विशेष मजिस्ट्रेट एमपी/एमएलए श्वेता चौधरी के न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर जेल मे भोजन में जहर देकर जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। साथ ही कोर्ट से जानमाल की सुरक्षा के लिए जेल अधीक्षक बांदा को आदेश दिए जाने का अनुरोध किया था।
बतातें चले कि दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के जालसाजी कर असलहा लेने का मामला स्टेट बनाम इसराईल अंसारी आदि में प्रार्थना पत्र दिया गया था।
बीते 20 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग न्यायालय के समक्ष मुख्तार अंसारी ने कहा कि उसे 19 मार्च 24 की रात्रि को भोजन में जहर देकर जान से मारने की कोशिश जेल प्रशासन के माध्यम से की गई थी। इसके पूर्व में भी उसे बांदा जेल में ही दो बार जान से मारने का षड्यंत्र रचा जा चुका है। उसे विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि उसकी हत्या का षड्यंत्र उपराज्यपाल जम्मू और कश्मीर मनोज सिन्हा, माफिया डॉन व भाजपा समर्थित एमएलसी बृजेश सिंह, भाजपा विधायक सुशील सिंह, पूर्व आईजी एसटीएफ अमिताभ यश एवं प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश द्वारा रचा गया है। सरकार द्वारा उक्त पदासीन अधिकारियों को हत्या के बाद कानूनी कार्रवाई से बचाने का आश्वासन दिया गया है। शासन द्वारा एक साजिश के तहत जेल के भीतर अभियुक्त प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मार कर हत्या की जा चुकी है। भाजपा सरकार में जेल के ही अंदर एक षड्यंत्र के तहत कई लोगों की हत्या हो चुकी है। मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से प्राण की रक्षा के लिए उपरोक्त व्यक्तियों व जेल प्रशासन द्वारा की जा रही षड्यंत्रकारी योजनाओं को दृष्टिगत रखते हुए उक्त लोगों पर विधि कार्रवाई करने तथा अपनी प्राण की सुरक्षा के लिए आवश्यक आदेश/ निर्देश जेल प्रशासन जिला कारागार बांदा को दिए जाने का अनुरोध किया था। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद सीजेएम/ विशेष मजिस्ट्रेट एमपी, एमएलए श्वेता चौधरी ने जेल अधीक्षक बांदा से रिपोर्ट तलब किया था।
-